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Ajmer: सोशल मीडिया पर प्रेम जाल में फंसी छात्राएं, देहशोषण कर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया, एक्शन मोड में पुलिस

Mon, 17 Feb 2025 09:58 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

ब्यावर जिले के बिजयनगर में लव जिहाद का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां समाज विशेष के कुछ युवकों ने स्कूल में पढ़ने वाली पांच छात्राओं को अपने प्रेमजाल में फंसाकर उनका देह शोषण किया और उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव भी डाला। पुलिस ने मामले में तीन एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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राजस्थान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिले के बिजयनगर में समाज विशेष के युवकों द्वारा निजी स्कूल की नाबालिग छात्राओं को प्रेमजाल में फंसाकर उनका शारीरिक शोषण करने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। परिजनों की रिपोर्ट पर बिजयनगर थाना पुलिस ने  पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और रिपोर्ट के आधार पर समुदाय विशेष के कुछ युवकों को डिटेन भी किया है।

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जानकारी के मुताबिक समाज विशेष के कुछ युवकों ने सोशल मीडिया पर मोबाइल फोन के जरिए नाबालिग बच्चियों से दोस्ती की और उसके बाद उनके जरिये अन्य लड़कियों से दोस्ती की। इसके बाद उनका शारीरिक शोषण कर उन्हें ब्लैकमेल किया। 

घटना की जानकारी के बाद आक्रोशित हिन्दू संगठन के लोग बिजयनगर थाने पहुंचे और मामले की तह तक जाकर सख्त कार्रवाई की मांग की। मसूदा के डिप्टी व जांच अधिकारी सज्जन सिंह ने बताया कि समाज विशेष के युवकों ने सोशल मीडिया पर निजी स्कूल की छात्राओं से दोस्ती की और उनका शारीरिक शोषण कर उन्हें ब्लैकमेल किया और उनके जरिये अन्य लड़कियों से दोस्ती की। मामले में अभी तक पांच पीड़िताएं सामने आई हैं, जो कि एक निजी स्कूल छात्राएं हैं। 
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डिप्टी सज्जन सिंह ने बताया कि आरोपी युवक बीते साढ़े 3 महीने से इन छात्राओं से बात कर रहे थे, इसके बाद परिजनों ने बिजयनगर थाने में तीन एफआईआर दर्ज कराई है, जिनमें पांच पीड़िताएं शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए 7 युवकों को राउंडअप किया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है। परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कल न्यायालय में पीड़िताओं के बयान कराएं जाएंगे, पूछताछ में पीड़ित छात्राओं ने 10 युवकों के नाम बताए हैं, जिनमें कुछ नाबालिग भी हैं। 

ये युवक कार पेंटर, डेटिंग-पेंटिंग सहित अन्य कार्य करते हैं। इन्होंने इन छात्राओं से सोशल मीडिया के जरिये दोस्ती की और उसके बाद छात्राओं को कीपैड मोबाइल फोन देकर अपने प्रेमजाल में फंसाकर उनका देहशोषण किया। साथ ही धर्म परिवर्तन का दबाव भी बनाया। वहीं पीड़ित छात्राओं में से एक दलित भी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।

सुर्खियों में आया अजमेर कांड

इस पूरे मामले के बाद एक बार फिर अजमेर में 1992 में हुआ ब्लैकमेल कांड सुर्खियों में आने लगा है। गौरतलब है कि इस कांड में भी समाज विशेष के युवकों ने कुछ स्कूली छात्राओं को निशाना बनाया था और उन्हें ब्लैकमेल करके उनके जरिये अन्य छात्राओं को जाल में फंसाकर उनका शोषण किया था। 

स्कूल और कॉलेज में पढ़ने वाली लगभग 100 से ज्यादा छात्राएं इस कांड का शिकार बनी थीं, जिनमें से कुछ ने आत्महत्या भी कर ली थी। देशभर में चर्चित इस कांड के 6 आरोपियों को कांड के 32 साल बाद पिछले साल ही अजमेर की पॉक्सो कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

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