जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला शुक्रवार को ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह अजमेर में अकीदत के फूल और मखमली चादर पेश किए। साथ ही देश-दुनिया में अमन चैन खुशहाली रहे, उसको लेकर दुआ की। जियारत के बाद फारूक अब्दुल्ला ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि दुआ में ख्वाजा गरीब नवाज से उन्होंने मांग की है कि मुसलमान पर जो मुश्किलें आ रही हैं, उसे जल्द समाप्त करें।
फारूक ने दुआ किया कि अमेरिका के कैलिफोर्निया में लगी भीषण आग काबू पाया जा सके, इसके लिए भी दुआ की गई और अमेरिका को फिर से आबाद करने की भी दुआ की गई। जम्मू-कश्मीर के चुनाव में नेशनल कांफ्रेंस को जो बहुमत मिला, उसका भी धन्यवाद दिया गया। जम्मू-कश्मीर में बदहाली भी दूर हो, जम्मू-कश्मीर में अस्पताल और स्कूलों के जो हाल बदहाल हैं, उसे सही करने की दुआ की गई। भारत के पड़ोसी भी आतंकवाद को खत्म करें, इसके लिए भी ख्वाजा गरीब नवाज से दुआ की गई।
उमर अब्दुल्ला की सरकार अच्छे से चले और उमर अब्दुल्ला की सेहत के लिए भी दुआ की गई। फारूक अब्दुल्ला के काफिले में चल रही दिल्ली पुलिस की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई, उस पर भी अपना बयान दिया कि फारूक अब्दुल्ला बिल्कुल ठीक हैं। उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त नहीं हुई थी और सरकार से भी उन्होंने मांग की है कि इस तरीके से हाइवे पर मवेशी न आए, इसके भी प्रबंध किए जाएं।
अब्दुल्ला ने मोदी की खुलकर की तारीफ
अनुच्छेद-370 को जम्मू-कश्मीर सरकार बहाल करना चाहती है, 75 साल बाद यह हमने हटाया है। पीएम मोदी के कार्यकाल पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि सोनमर्ग टनल के उद्घाटन में उनके बेटे उमर अब्दुल्ला ने पीएम मोदी की खुलकर तारीफ की थी। अब्दुल्ला ने कहा कि पीएम मोदी ने जो हमसे वादे किए थे, वह उन्होंने पूरे किए। एक वादा जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव भी बिल्कुल निष्पक्ष हुए, किसी प्रकार की रीपोलिंग नहीं हुई।
सोनमर्ग में टनल का उद्घाटन पीएम मोदी द्वारा किया गया। उम्मीद है जो टनल लद्दाख से जोड़ी थी, वह जल्द से जल्द तैयार होगी। फारूक अब्दुल्ला ने उम्मीद जताई कि आज तक हिंदुस्तान के किसी हिस्से से जम्मू-कश्मीर में कोई ट्रेन नहीं पहुंची थी। वह ट्रेन 25 तारीख को जम्मू- कश्मीर पहुंचेगी और वह उस ट्रेन के पहले मुसाफिर होंगे।
गठबंधन लोकसभा चुनाव तक नहीं था सीमित
गठबंधन इसलिए बना कि पूरे देश की हिफाजत हो सके। गठबंधन का मकसद यह भी था कि यहां के लोगों में जो नफरत पैदा की गई थी, उसको खत्म करना। हम सब भारतीय हैं, भारत में रहने वाले हैं और भारत में ही मरेंगे। इसलिए गठबंधन बहुत जरूरी है। लोगों की हिफाजत करेंगे, लोगों की इज्जत करेंगे और इस मुल्क को एक रखने की कोशिश करेंगे।
दरगाह में मंदिर विवाद पर बोले...
अजमेर की दरगाह में मंदिर होने के विवाद पर फारूक अब्दुल्ला ने राम मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां भी यह कहा गया था कि यह राम की जन्मभूमि है। लेकिन जब खोदा गया, तब वहां पर कोई ऐसी चीज नहीं मिली। आखिर एएसआई विभाग ने सुप्रीम कोर्ट में अपना यह बयान रखा, मगर सुप्रीम कोर्ट के जजों ने कहा कि यहां के लोगों की भावना इस चीज को मानती है। इसलिए उनके इस आवास को राममंदिर को दे रहे हैं।
साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा कि एक हिस्से में मस्जिद भी बनेगी। अब अजमेर की दरगाह का भी मामला उच्च न्यायालय के पास है और अब्दुल्ला को उम्मीद है कि वह देखेंगे। ऐसे लोग हैं, भारत में जो नफरत फैलाना चाहते हैं।