| क्रमांक | नगर निकाय | निकाय प्रमुख का पद | आरक्षण श्रेणी |
|---|---|---|---|
| 1 | अजमेर नगर निगम | मेयर | सामान्य महिला |
| 2 | पुष्कर नगर परिषद | अध्यक्ष | SC |
| 3 | सरवाड़ नगर पालिका | अध्यक्ष | OBC |
| 4 | किशनगढ़ नगर परिषद | अध्यक्ष | अनारक्षित |
| 5 | केकड़ी नगर पालिका | अध्यक्ष | अनारक्षित |
| 6 | नसीराबाद नगर पालिका | अध्यक्ष | अनारक्षित |
| 7 | सावर नगर पालिका | अध्यक्ष | अनारक्षित |
| 8 | पीसांगन नगर पालिका | अध्यक्ष | अनारक्षित |
| 9 | टांटोटी नगर पालिका | अध्यक्ष | अनारक्षित |
अजमेर में मेयर पद का पुराना इतिहास
अजमेर नगर निकाय के इतिहास में अलग-अलग समय पर भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने शहर की कमान संभाली है। वर्ष 1990 में भाजपा के रतनलाल यादव, 1995 में भाजपा के वीर कुमार, 2000 में भाजपा की अनिता भदेल और 2005 में भाजपा के धर्मेंद्र गहलोत सभापति रहे।
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वर्ष 2010 में कांग्रेस के कमल बाकोलिया सीधे चुनाव के जरिए मेयर बने थे हालांकि उस समय नगर निगम में भाजपा का बोर्ड था। इसके बाद वर्ष 2015 में भाजपा के धर्मेंद्र गहलोत मेयर बने। वर्ष 2021 में मेयर पद SC महिला के लिए आरक्षित होने के बाद भाजपा की ब्रजलता हाड़ा मेयर चुनी गईं।
पिछले चुनाव में पांच निकायों का परिणाम
तीन नई नगर पालिकाओं का गठन
अजमेर जिले में पहले ग्राम पंचायत रही सावर, टांटोटी और पीसांगन को नगर पालिका बनाया गया है। इन निकायों में भी आगामी चुनाव नए स्वरूप में होंगे।
अब वार्डों के आरक्षण की बारी
निकाय प्रमुखों के पदों का आरक्षण तय होने के बाद अब नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के वार्डों के आरक्षण की लॉटरी होगी। वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया जिला कलेक्टर स्तर पर पूरी की जाएगी। इसमें SC, ST, OBC और महिला आरक्षण के आधार पर अलग-अलग वार्ड निर्धारित किए जाएंगे।