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Ajmer News: अजमेर में फिर महिला मेयर की बारी, आरक्षण से बदले सियासी समीकरण, अब वार्डों की लॉटरी पर टिकी नजरें

Thu, 13 Aug 2026 02:43 PM IST
अजमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

निकाय चुनाव से पहले आरक्षण की लॉटरी ने जिले के राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। अजमेर नगर निगम में मेयर का पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित हुआ है। पुष्कर में SC और सरवाड़ में OBC वर्ग को मौका मिला है, बाकी निकायों में प्रमुख पद अनारक्षित रखे गए हैं।
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अजमेर में फिर महिला मेयर की बारी
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विस्तार
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जिले के नौ नगर निकायों में अध्यक्ष, सभापति और मेयर पद के लिए आरक्षण की लॉटरी गुरुवार को जयपुर में निकाली गई। लॉटरी के साथ ही आगामी निकाय चुनावों में प्रमुख पदों पर किस वर्ग के उम्मीदवार चुनाव लड़ सकेंगे, इसकी तस्वीर साफ हो गई है। सबसे बड़ा बदलाव अजमेर नगर निगम में हुआ है, जहां इस बार मेयर का पद सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। ऐसे में आगामी चुनाव के बाद अजमेर नगर निगम की कमान किसी महिला के हाथों में होगी।
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पिछली बार SC महिला के लिए आरक्षित था मेयर पद
पिछले निकाय चुनाव में भी अजमेर नगर निगम का मेयर पद महिला के लिए आरक्षित था, लेकिन तब यह सीट अनुसूचित जाति महिला के लिए निर्धारित थी। वर्ष 2021 के नगर निगम चुनाव में भाजपा की ब्रजलता हाड़ा मेयर चुनी गई थीं। उन्होंने कांग्रेस की द्रोपदी कोली को हराया था। मेयर चुनाव में ब्रजलता हाड़ा को 61 वोट मिले थे, जबकि द्रोपदी कोली को 19 वोट मिले। उस समय निगम में भाजपा के 48, कांग्रेस के 18, रालोपा का एक और 13 निर्दलीय पार्षद थे। इस बार सीट सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित होने से किसी भी वर्ग की महिला मेयर पद के लिए चुनाव लड़ सकेगी।

अजमेर के 9 निकायों में आरक्षण की स्थिति
आरक्षण लॉटरी के अनुसार अजमेर नगर निगम का मेयर पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित हुआ है। वहीं पुष्कर नगर परिषद का अध्यक्ष पद SC वर्ग और सरवाड़ नगर पालिका का अध्यक्ष पद OBC वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है।
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किशनगढ़, केकड़ी, नसीराबाद, सावर, पीसांगन और टांटोटी में अध्यक्ष पद अनारक्षित रखा गया है।
 
क्रमांक नगर निकाय निकाय प्रमुख का पद आरक्षण श्रेणी
1 अजमेर नगर निगम मेयर सामान्य महिला
2 पुष्कर नगर परिषद अध्यक्ष SC
3 सरवाड़ नगर पालिका अध्यक्ष OBC
4 किशनगढ़ नगर परिषद अध्यक्ष अनारक्षित
5 केकड़ी नगर पालिका अध्यक्ष अनारक्षित
6 नसीराबाद नगर पालिका अध्यक्ष अनारक्षित
7 सावर नगर पालिका अध्यक्ष अनारक्षित
8 पीसांगन नगर पालिका अध्यक्ष अनारक्षित
9 टांटोटी नगर पालिका अध्यक्ष अनारक्षित


अजमेर में मेयर पद का पुराना इतिहास
अजमेर नगर निकाय के इतिहास में अलग-अलग समय पर भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने शहर की कमान संभाली है। वर्ष 1990 में भाजपा के रतनलाल यादव, 1995 में भाजपा के वीर कुमार, 2000 में भाजपा की अनिता भदेल और 2005 में भाजपा के धर्मेंद्र गहलोत सभापति रहे।

ये भी पढ़ें: पंचायत चुनाव में OBC आरक्षण की तस्वीर साफ: 41 जिला परिषद में 192 सीटों की सिफारिश, चार जिलों में शून्य आरक्षण

वर्ष 2010 में कांग्रेस के कमल बाकोलिया सीधे चुनाव के जरिए मेयर बने थे हालांकि उस समय नगर निगम में भाजपा का बोर्ड था। इसके बाद वर्ष 2015 में भाजपा के धर्मेंद्र गहलोत मेयर बने। वर्ष 2021 में मेयर पद SC महिला के लिए आरक्षित होने के बाद भाजपा की ब्रजलता हाड़ा मेयर चुनी गईं।

पिछले चुनाव में पांच निकायों का परिणाम

  • किशनगढ़: अध्यक्ष पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित था। भाजपा के दिनेश सिंह राठौड़ ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप अग्रवाल को हराया। राठौड़ को 36 और अग्रवाल को 24 वोट मिले।
  • केकड़ी: अध्यक्ष पद OBC के लिए आरक्षित था। कांग्रेस के कमलेश कुमार साहू ने भाजपा प्रत्याशी मिश्रीलाल को हराया। साहू को 24 और मिश्रीलाल को 16 वोट मिले।
  • सरवाड़: अध्यक्ष पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित था। कांग्रेस प्रत्याशी छगन कंवर राठौड़ को 17 और भाजपा प्रत्याशी शारदा देवी माली को 8 वोट मिले।
  • पुष्कर: अध्यक्ष पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित था। भाजपा के कमल पाठक ने निर्दलीय रविकांत पाराशर को हराया। पाठक को 13 और पाराशर को 12 वोट मिले।
  • नसीराबाद: अध्यक्ष पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित था। कांग्रेस में शामिल होकर निर्दलीय चुनाव लड़ने वाली शारदा मितलवाल और भाजपा की अनिता मित्तल को 10-10 वोट मिले। इसके बाद लॉटरी से शारदा मितलवाल अध्यक्ष चुनी गईं। बाद में उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हुआ और भाजपा की अनिता मित्तल अध्यक्ष बनीं।

तीन नई नगर पालिकाओं का गठन
अजमेर जिले में पहले ग्राम पंचायत रही सावर, टांटोटी और पीसांगन को नगर पालिका बनाया गया है। इन निकायों में भी आगामी चुनाव नए स्वरूप में होंगे।

  • सावर: पूर्व में ग्राम पंचायत, सरपंच विश्वजीत सिंह शक्तावत, आरक्षण- सामान्य।
  • टांटोटी: पूर्व में ग्राम पंचायत, सरपंच ओमप्रकाश डूंगरवाल, आरक्षण- सामान्य।
  • पीसांगन: पूर्व में ग्राम पंचायत, सरपंच मंजू देवी, आरक्षण- सामान्य महिला।


अब वार्डों के आरक्षण की बारी
निकाय प्रमुखों के पदों का आरक्षण तय होने के बाद अब नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के वार्डों के आरक्षण की लॉटरी होगी। वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया जिला कलेक्टर स्तर पर पूरी की जाएगी। इसमें SC, ST, OBC और महिला आरक्षण के आधार पर अलग-अलग वार्ड निर्धारित किए जाएंगे।

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अजमेर नगर निगम में इस बार मेयर पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने से चुनाव में महिला दावेदारों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। वहीं पुष्कर में SC और सरवाड़ में OBC आरक्षण के बाद इन दोनों निकायों में भी चुनावी समीकरण बदलने की संभावना है।
 

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