पड़ोसी देश बांग्लादेश में हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार, नरसंहार और लूटपाट के विरोध में अति कलेक्टर अजमेर को दिनेश चौधरी, रामस्वरूप यादव, मुकेश पचौरी, अजय वर्मा, दिनेश और संदीप ने मंगलवार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया।
एडवोकेट दिनेश चौधरी ने बताया कि पड़ोसी देश बांग्लादेश में सरकार के तख्ता पलट के बाद वहां हिंदू और अन्य अल्पसंख्यकों के मकान, दुकान और पूजा स्थल पर लगातार हमले कर तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी कर अल्पसंख्यकों को मारा जा रहा है और महिलाओं के साथ दरिंदगी कर रहे हैं। ये अत्यंत दुखद मार्मिक और अंदर से झकझोर देने वाली पीड़ा दे रहा है। हमारी भारत सरकार से मांग है कि वह बांग्लादेश में शांति स्थापित कर हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र उचित हस्तक्षेप करें। साथ ही भारत में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठिए भी भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। देश में कभी भी कोई भी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकते हैं। इसलिए उन्हें शीघ्रातिशीघ्र चिह्नित कर देश से बाहर निकाला जाए।
कांग्रेस पार्टी और इंडी गठबंधन को भी बांग्लादेश हिंसा पर अपना रुख स्पष्ट करने की आवश्यकता है। वह एक तरफ हमास में मारे गए आतंकियों के समर्थन में तो रहती है, परंतु बांग्लादेश में मारे जा रहे निर्दोष हिंदू और अन्य अल्पसंख्यकों पर मौन धारण कर हिंसक और कट्टर बांग्लादेशी मुसलमानों को खुला समर्थन दे रही है।