जिले में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित आईटी केंद्र में गुरुवार को जिला स्तरीय जनसुनवाई का आयोजन जिला कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित की अध्यक्षता में हुआ। जनसुनवाई में कुल 53 मामले प्रस्तुत किए गए, जिनमें सड़क निर्माण, बेसहारा पशुओं की समस्या, पेंशन, अतिक्रमण, अवैध कब्जे, बिजली, पानी, शिक्षा और अन्य नागरिक मुद्दों पर शिकायतें शामिल थीं। कलेक्टर ने अधिकारियों को शिकायतों का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।
नागौर शहर के हाउसिंग बोर्ड निवासी कैलाश वर्मा ने जनसुनवाई में मोहल्ले में सड़क निर्माण को लेकर 52 बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद समस्या का समाधान न होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सेक्टर नंबर 2 में पिछले 19 वर्षों से सड़क नहीं बनी है, जिससे क्षेत्रवासी बेहद परेशान हैं। वर्मा ने चेतावनी दी कि यदि इस बार भी समाधान नहीं हुआ, तो मोहल्लेवासी कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देंगे।
जिला कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित ने जनसुनवाई में बेसहारा पशुओं की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जो गौशालाएं इन पशुओं को खुला छोड़ती हैं या उन्हें वापस लेने से मना करती हैं, उनका अनुदान बंद किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि संपर्क पोर्टल पर किसी भी शिकायत को 30 दिन से अधिक लंबित न रखा जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों से जनसुनवाई में आए मामलों का शीघ्रता से निस्तारण कर संतुष्टि का प्रतिशत बढ़ाने के लिए कहा।
जनसुनवाई के दौरान मेड़ता से आई बुजुर्ग महिला की शिकायत सुनकर कलेक्टर पुरोहित ने आत्मीयता से कहा, "मां सा, आप इतने दूर से आकर परेशान क्यों हो रहे हो, अधिकारी आपकी समस्या का समाधान करेंगे।" उन्होंने महिला को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायत पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
खींवसर क्षेत्र की ग्राम पंचायत लालाप के ग्रामीणों ने सरकारी स्कूल के समय पर न खुलने, अध्यापकों के समय पूर्व घर चले जाने और पोषाहार में गड़बड़ी की शिकायत की। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल गांव के बाहर तालाब के निकट होने से बच्चों की सुरक्षा को खतरा है। कलेक्टर ने शिक्षा विभाग को मामले की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
वार्ड एक के पार्षद गोविंद कड़वा ने फलौदी बस स्टॉप के आसपास की सफाई व्यवस्था सुधारने और अतिक्रमण हटवाने की मांग की। उन्होंने बीकानेर रोड पर बंद पड़ी रोड लाइटों को चालू करवाने की भी अपील की। कलेक्टर ने नगर परिषद और पुलिस अधिकारियों को समस्याओं का समाधान करने और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के शिविरों का निरीक्षण कर कलेक्टर ने उपखंड अधिकारियों और तहसीलदारों को शिविरों का नियमित निरीक्षण कर बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही फर्जी पट्टों की की शिकायतों पर आवश्यक जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सामाजिक न्याय विभाग को पेंशन मामलों और राजस्व अधिकारियों को रास्तों के मामलों का शीघ्र निपटारा करने को कहा गया।
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जनसुनवाई में आए परिवादियों की पूरी बात ध्यान से सुनें और जांच कर संतोषजनक समाधान प्रस्तुत करें। उन्होंने जोर दिया कि "कोई भी परिवादी निराश होकर नहीं जाना चाहिए।"
इस जनसुनवाई में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ ब्लॉकों के संबंधित अधिकारी, उपखंड अधिकारी, विकास अधिकारी और तहसीलदार वर्चुअली जुड़े रहे। राज्य स्तर पर भी मॉनिटरिंग की गई।