ब्यावर जिले के बिजयनगर ब्लैकमेल कांड एक गंभीर और शर्मनाक घटना है, जिसने पूरे क्षेत्र में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। इस मामले में अजमेर पॉक्सो कोर्ट में पांच आरोपियों को पेश किया गया। इनमें पूर्व पार्षद हकीम कुरैशी, कैफे संचालक श्रवण और आशिक, करीम और बुधवार रात गिरफ्तार किए गए जावेद शामिल हैं।
इस मामले में आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग अब जोरों पर है। इस मांग के समर्थन में 1 मार्च को अजमेर बंद का एलान किया गया है, जिसमें शहर में सिर्फ मेडिकल सेवाओं को चालू रखने की अनुमति दी जाएगी। यह बंद इस मुद्दे के प्रति जनता की नाराजगी और न्याय की इच्छा को दर्शाता है। यह घटना इस बात का भी संकेत है कि समाज में इस तरह के अपराधों के प्रति और कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है।
इस पूरे मामले पर सीओ सज्जन सिंह ने कहा कि अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से तीन नाबालिग हैं, जिन्हें बाल सुधार गृह भेजा गया है। पुलिस की कार्रवाई में तेजी आई है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। इसके अलावा, जांच के दौरान यह भी पता चला है कि आरोपी पहले से ही इस तरह के कृत्यों में लिप्त थे, लेकिन इस बार उनकी गतिविधियों ने उन्हें कानून के शिकंजे में फंसा दिया है।