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राजस्थान में तीन करोड़ की डकैती: भारत सरकार लिखी स्कॉर्पियो से पहुंचे, फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बनकर की लूट

Sat, 10 Oct 2026 08:10 AM IST
अजमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

अजमेर के नसीराबाद में फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बनकर बदमाशों ने व्यापारी के घर से करीब 3 करोड़ रुपये के सोने-चांदी के आभूषण लूट लिए। पुलिस ने सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से तीन घंटे में छह आरोपियों को दस्तयाब किया।

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‘स्पेशल 26’ की तर्ज पर तीन करोड़ की डकैती - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बॉलीवुड फिल्म ‘स्पेशल 26’ की तर्ज पर फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बनकर डकैती की वारदात को अंजाम देने वाले छह आरोपियों को अजमेर जिला पुलिस ने महज तीन घंटे में दस्तयाब कर लिया। आरोपियों ने नसीराबाद में एक व्यापारी के घर पर फर्जी इनकम टैक्स छापे का नाटक किया और करीब 3 करोड़ रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने नाकाबंदी, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी करीब एक महीने से इस वारदात की साजिश रच रहे थे।

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भारत सरकार लिखी स्कॉर्पियो से पहुंचे 9-10 लोग
जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि 9 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 11:30 बजे नसीराबाद के महेश विहार कॉलोनी, दिलवाड़ी बाईपास निवासी 29 वर्षीय व्यापारी कार्तिक माहेश्वरी के घर डकैती की वारदात हुई। आरोपियों ने काले रंग की स्कॉर्पियो का इस्तेमाल किया, जिस पर भारत सरकार लिखा हुआ था। वाहन में सवार करीब 9 से 10 लोग प्रशासनिक अधिकारियों जैसी वेशभूषा में व्यापारी के घर में दाखिल हुए।

घर में पहुंचते ही आरोपियों ने परिवार के सदस्यों को अपनी जगह बैठे रहने के लिए कहा। उन्होंने खुद को इनकम टैक्स विभाग का अधिकारी बताते हुए घर पर छापा पड़ने की बात कही और घर में मौजूद लोगों से वहां रखे सामान के बारे में जानकारी मांगी। इसके बाद आरोपियों ने घर की तलाशी लेना शुरू कर दिया।

लॉकर में मिले 3 करोड़ के आभूषण, बैग में भरकर ले गए
तलाशी के दौरान आरोपियों को घर के लॉकर में रखे सोने-चांदी के आभूषण मिल गए। इनकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपये बताई गई है। आरोपियों ने आभूषणों को एक बैग में भरा और परिवार के सदस्यों को डराते-धमकाते हुए वहां से फरार हो गए। परिवार के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आरोपी वारदात को अंजाम देकर निकल चुके थे। घटना के बाद व्यापारी कार्तिक माहेश्वरी ने पुलिस को रिपोर्ट दी। इस पर नसीराबाद सदर थाने में प्रकरण संख्या 398/2026 दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।

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सात विशेष टीमों ने संभाला मोर्चा
वारदात की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देश पर विशेष टीमें गठित की गईं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र भारती, केकड़ी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मील, नसीराबाद वृत्ताधिकारी लक्ष्मणराम और अजमेर उत्तर शहर के पुलिस उपाधीक्षक शिवम जोशी के निर्देशन में कार्रवाई की गई।

इस अभियान में नसीराबाद सिटी थाना प्रभारी करण सिंह, कृष्णगंज थाना प्रभारी अरविन्द सिंह चारण, पुष्कर थाना प्रभारी अशोक बिस्सू, नसीराबाद सदर थाना प्रभारी राधेश्याम, जिला साइबर सेल प्रभारी विजय सिंह, जिला स्पेशल टीम प्रभारी शंकर सिंह रावत और भिनाय थाना पुलिस की टीमों को शामिल किया गया।

पुलिस नियंत्रण कक्ष के माध्यम से जिलेभर में सूचना प्रसारित कर नाकाबंदी करवाई गई। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों को सक्रिय किया गया और संदिग्धों की तलाश में सघन जांच अभियान चलाया गया।

सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से मिली सफलता

पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर संदिग्धों के हुलिये की पहचान की गई। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों और उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। फरार आरोपियों के संभावित रास्तों का पता लगाने के लिए रूट चार्ट तैयार किया गया और अलग-अलग स्थानों पर मुखबिरों को सक्रिय किया गया।

लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण सूचना मिली। इसके आधार पर देवेन्द्र, संजय, रविकान्त, अमित, तारू और देवा को वारदात के तीन घंटे के भीतर चिन्हित कर दस्तयाब कर लिया गया। पुलिस अब आरोपियों से लूटे गए आभूषणों की बरामदगी और अन्य वारदातों में उनकी संभावित भूमिका को लेकर पूछताछ कर रही है।

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व्यापारी के घर पहले काम कर चुका था आरोपी
पुलिस की जांच में सामने आया कि वारदात की साजिश में व्यापारी से पहले से परिचित लोगों की अहम भूमिका थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी देवेन्द्र ने वर्ष 2016 से 2021 तक परिवादी के घर पर काम किया था। वहीं, संजय भी व्यापारी को व्यावसायिक रूप से पहले से जानता था। इस वजह से दोनों को व्यापारी और उसकी आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी थी।

पुलिस के मुताबिक, संजय, देवेन्द्र और रविकान्त ने मिलकर वारदात की योजना बनाई। इसके बाद संजय ने अपने साथियों के साथ मिलकर अन्य आरोपियों को भी साजिश में शामिल किया। करीब एक महीने तक योजना बनाने के बाद आरोपियों ने 9 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे फर्जी इनकम टैक्स छापे की आड़ में डकैती को अंजाम दिया।

ये छह आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

पुलिस ने वारदात के संबंध में छह आरोपियों को दस्तयाब किया है। उनके नाम और पते इस प्रकार हैं—

  1. देवेन्द्र पुत्र अशोक कुमार (33 वर्ष): निवासी पानी की टंकी के पास, हटूण्डी चौराहा, माखुपुरा, थाना आदर्शनगर, अजमेर।

  2. संजय रावत पुत्र अमर सिंह (34 वर्ष): निवासी सेन्दरिया, थाना आदर्शनगर, अजमेर।

  3. रविकान्त उर्फ रवि पुत्र फतेह सिंह (40 वर्ष): निवासी इन्दरा कॉलोनी, धोलाभाटा, थाना अलवरगेट, अजमेर।

  4. अमित पुत्र देवेन्द्र (26 वर्ष): निवासी सापुर पोस्ट, बलिया, उत्तर प्रदेश; हाल निवासी हथाई चौक, परबतपुरा, थाना आदर्शनगर, अजमेर।

  5. तारू पुत्र मदन (39 वर्ष): निवासी रोहिसा, थाना थांवला, जिला नागौर; हाल निवासी परबतपुरा, थाना आदर्शनगर, अजमेर।

  6. देवा उर्फ देवेन्द्र सिंह रावत पुत्र ज्ञान सिंह रावत (20 वर्ष): निवासी माखुपुरा, थाना आदर्शनगर, अजमेर।

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    तीन घंटे में खुलासे से पुलिस को बड़ी सफलता

करीब 3 करोड़ रुपये के आभूषणों की डकैती के मामले में अजमेर जिला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन घंटे के भीतर छह आरोपियों को दस्तयाब किया। इस कार्रवाई में जिले के विभिन्न थानों, जिला स्पेशल टीम और साइबर सेल के बीच समन्वय ने अहम भूमिका निभाई। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। लूटे गए आभूषणों की बरामदगी, वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहन और अन्य संभावित वारदातों में आरोपियों की भूमिका को लेकर जांच जारी है।

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