राजस्थान के कांग्रेस प्रभारी अजय माकन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मल्ल्किार्जुन खरगे के कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद माकन ने पद से इस्तीफा दिया है। माकन सहित सीडब्ल्यूसी के सदस्यों, महासचिवों और प्रभारियों ने भी इस्तीफे दिए हैं। राजस्थान से सीडब्ल्यूसी सदस्य रघुवीर मीणा, पंजाब प्रभारी हरीश चौधरी, गुजरात प्रभारी रघु शर्मा, प्रभारी महासचिव भंवर जितेंद्र सिंह ने भी कांग्रेस के अध्यक्ष खरगे को इस्तीफा सौंप दिया है। बताया जा रहा है कि खरगे अब नए सिरे से इन पदों पर नियुक्तियां करेंगे।
विधायकों ने लगाए थे गंभीर आरोप
अशोक गहलोत गुट के विधायकों ने अजय माकन पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। मंत्री शांति धारीवाल ने साफ तौर पर कहा था कि राजस्थान में जो भी कुछ हुआ उसमें अजय माकन की बड़ी भूमिका थी। माकन सरकार के खिलाफ बगावत कर चुके नेता को सत्ता देने के लिए पक्षपात कर रहे थे। मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा था कि माकन हमारे परिवार के मुखिया हैं। हमारी आवाज को सुनना, समझना और उसे आलाकमान तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी थी।
एक महीने पहले विधायकों ने दिया था इस्तीफा
गौरतलब है कि 25 सितंबर को कांग्रेस पर्यवेक्षकों ने नए मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा करने के लिए विधायक दल की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में शामिल होने की जगह विधायक मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के आवास पर जुट गए थे। जहां गहलोत गुट के मंत्री और विधायकों ने सचिन पायलट के सीएम बनाए जाने का विरोध किया था। बाद में विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के आवास पर पहुंचकर इस्तीफा दे दिया था।