अंता के समीप मऊ में प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की। आठ जेसीबी मशीन व दो पोकलेन मशीन की सहायता से लगभग 100 बीघा सिवाय चक भूमि में किया गया अवैध अतिक्रमण ध्वस्त कर दिया गया। इस मौके पर भारी भरकम पुलिस बल तैनात किया गया।
बता दें कि सोरसन सांगोद रोड के पास किए गए अवैध अतिक्रमण में पक्के मकान सहित बाउंड्रीवाल शामिल हैं, जिन्हें एक दर्जन जेसीबी सहित पोकलेन मशीनों से ध्वस्त किया गया। प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सवेरे आठ बजे शुरू की गई जोकि दिन में दोहपर चार बजे तक चली। इस दौरान दोनों ओर पुलिस की निगरानी में आवाजाही चालू रही। अतिक्रमण हटाने के लिए जिले से अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया, जिसमें एडिशनल एसपी जिनेन्द्र जैन, एडीएम बारां सत्यनारायण आमेटा, अंता एसडीएम दीपक महावर, एसडीएम अटरू, अंता तहसीलदार ओमप्रकाश जैन, अंता डीवाईएसपी तरुणकान्त सोमानी, अंता थानाधिकारी राम लक्ष्मण, मांगरोल थानाधिकारी रामस्वरूप मीणा, सीसवाली थानाधिकारी उत्तम सिंह, सहित भारी भरकम पुलिस बल मौजूद रहा।
मामले को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया विरोध प्रदर्शन
प्रशासन की मऊ गांव के पास की गई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश मीणा और उपजिला प्रमुख छीतर लाल मेघवाल के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने रोष व्याप्त किया और कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी और गरीबों को बेघर करने का आरोप लगाया। इस दौरान नंदलाल सुमन, महावीर नामा, ओम सुमन, रामेश्वर खंडेलवाल, प्रशांत विजयवर्गीय सहित कई भाजपा नेता मौजूद रहे।
दूसरी ओर मामले की सूचना मिलने पर शाम को कोटा दक्षिण पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के बातचीत की बाद में गुंजल ने जिला कलेक्टर से भी फोन पर वार्ता की।
इससे पूर्व यह हुआ था मामला
इससे पूर्व भी मऊ में इसी अतिक्रमण को हटाने की कोशिश की गई थी लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते अतिक्रमण को पूरा नहीं हट पाया था। इस मामले में भाजपा के पूर्व विधायक कंवर लाल मीणा, सरपंच मधु सुदन सिंह सहित 11 लोगों के खिलाफ राज कार्य में बाधा का प्रकरण दर्ज किया गया था।