प्रधानाचार्य जगदीश प्रसाद शर्मा पहले तो छात्रों से फसल कटाने की बात से इनकार करता था। लेकिन, मामले के तूल पकड़ने के बाद उसने फसल कटवाने की बात कबूल की। साथ ही कहा कि बच्चों से मेरी भावना जुड़ी हुई थी. इसलिए उनसे काम करवाया था। अब बच्चे नाराज हैं तो उनको मैं खुश कर दूंगा।
राजस्थान के चूरू जिले में एक सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। प्रधानाचार्य ने बच्चों को रुपयों और परीक्षा में अच्छे नंबर देने का लालच देकर अपने फार्म हाउस में खड़ी बाजरे की फसल कटवा ली। मामले की जानकारी बच्चों के अभिभावकों को लगी तो बात बिगड़ गई। घटना के विरोध में अभिभावक स्कूल के गेट पर ताला लगाकर धरने पर बैठ गए। शिकायत मिलने पर सीबीईओ ने स्कूल के प्रधानाचार्य को एपीओ कर दिया है। साथ ही उन्हें सरदारशहर सीबीईओ कार्यालय में अटैच किया है।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार घटना जिले के सरदारशहर के रूपलीसर गांव की है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य जगदीश प्रसाद शर्मा ने स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा 12वीं के छात्रों से अपने फॉर्म हाउस में खड़ी बाजरे की फसल दो दिन तक कटवाई। इसके लिए प्रधानाचार्य शर्मा ने छात्रों को परीक्षा में अच्छे नंबर दिलाने और मजदूरी देने का भी लालच दिया। दो दिन फसल काटने के बाद भी प्रधानाचार्य ने बच्चों को कुछ नहीं दिया।
इधर, मामले की जानकारी लगने पर विद्यार्थियों समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल के गेट पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन कर प्रधानाचार्य को हटाने की मांग करने लगे। मामला बढ़ता देख सीबीईओ अशोक पारीक ने प्रधानाचार्य जगदीश प्रसाद शर्मा को प्रधानाचार्य जगदीश प्रसाद शर्मा को एपीओ कर सरदारशहर सीबीईओ कार्यालय अटैच किया है। सीबीईओ पारीक ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है, जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पहले मना किया, फिर बोला-बच्चों को खुश कर देंगे
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रधानाचार्य जगदीश प्रसाद शर्मा पहले तो छात्रों से फसल कटाने की बात से इनकार करता था। लेकिन, मामले के तूल पकड़ने के बाद उसने फसल कटवाने की बात कबूल की। साथ ही कहा कि बच्चों से मेरी भावना जुड़ी हुई थी, इसलिए उनसे काम करवाया था। अब बच्चे नाराज हैं तो उनको मैं खुश कर दूंगा।