राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार शिक्षा की आड़ में अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए महानिदेशक पुलिस उमेश मिश्रा ने एक्शन लेने की बात कही है। डीजीपी मिश्रा ने कहा- फर्जी डिग्री और मार्कशीट बनाने वाले गिरोह से जुड़े सभी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस मुख्यालय इन गिरोह से जुड़े व्यक्तियों की निगरानी कर रहा है। एडिशनल डीजीपी क्राइम दिनेश एमएन इसकी मॉनिटरिंग करेंगे। टीम राजस्थान के साथ अन्य राज्यों में फर्जी डिग्री और मार्कशीट बनाने वाले विश्वविद्यालय व शिक्षण संस्थानों पर नजर रखेगी।
डीजीपी मिश्रा ने बताया कि बीते दिनों जोधपुर पश्चिम जिला पुलिस ने विभिन्न यूनिवर्सिटी के कई कोर्स की फर्जी अंक तालिका देकर ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड नरेश प्रजापत पुत्र अशोक कुमार (28) निवासी थाना कोतवाली नागौर को गिरफ्तार किया है।
आरोपी के विरुद्ध थाना कुड़ी भगतासनी स्थित एक स्कूल के संचालक अशोक कुमार गुप्ता ने रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। राज्य और राज्य से बाहर की विभिन्न यूनिवर्सिटी में दाखिला दिलाने के नाम पर आरोपी नरेश ने पीड़ित से साल 2021 से 30 व्यक्तियों के आवेदन लेकर 26 लाख रुपये ले लिए और सभी को फर्जी डिग्री और मार्कशीट थमा दी।
पुलिस ने जांच के बाद आरोपी नरेश प्रजापत को 18 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि नरेश की अन्य राज्यों की फर्जी डिग्रियों के एजेंटस से संपर्क है। पैसे लेकर आरोपी उत्तराखंड शिक्षा परिषद रुड़की, मेवाड़ यूनिवर्सिटी गंगरार चितौड़गढ़, श्री कृष्णा विश्वविद्यालय छतरपुर मध्य प्रदेश और आईईसी यूनिवर्सिटी हिमाचल प्रदेश के नाम से जारी फर्जी डिग्रियां देता है।
डीजीपी मिश्रा ने बताया कि अन्य राज्यों में इसके गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए डीसीपी पश्चिम गौरव यादव के निर्देशन में दो टीम रवाना की गईं हैं। आरोपी नरेश प्रजापत को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच में जो भी सामने आएगा, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।