भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने अलवर जिले की पंचायत समिति कठूमर में 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते दो अभियंताओं को रंगे हाथों पकड़ा है। ब्यूरो की भिवाड़ी चौकी टीम ने मंगलवार को सहायक अभियंता शिवराम और कनिष्ठ अभियंता मिन्ना खान को दबोचा। दोनों अधिकारियों ने निर्माण कार्य के बकाया बिल का भुगतान कराने के बदले शिकायतकर्ता से यह अवैध राशि मांगी थी।
बिल भुगतान के बदले मांगी रिश्वत
ग्राम पंचायत में पोसवाल कंपनी ने एफएसएसी योजना के तहत टेंडर के माध्यम से राजीव गांधी सेवा केंद्र ईटोला का मरम्मत कार्य कराया था। इस कार्य का 2,52,000 रुपये का बिल भुगतान के लिए पंचायत समिति कठूमर में लंबित था। बिल का भुगतान कराने के लिए परिवादी ने पंचायत समिति कार्यालय में दोनों अभियंताओं से संपर्क किया था। इस दौरान सहायक अभियंता शिवराम ने 40,000 रुपये तथा कनिष्ठ अभियंता मिन्ना खान ने 15,000 रुपये रिश्वत मांगी।
शिकायत मिलने पर ब्यूरो ने 18 सितंबर को मांग का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान परिवादी के आग्रह पर सहायक अभियंता 35,000 रुपये लेने पर सहमत हुआ, जिसमें से 10,000 रुपये मौके पर और शेष 25,000 रुपये बाद में लेना तय हुआ। इसी तरह कनिष्ठ अभियंता मिन्ना खान 5,000 रुपये मौके पर लेने के बाद शेष 10,000 रुपये बाद में लेने पर सहमत हुआ।
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जाल बिछाकर रंगे हाथों दबोचा
सत्यापन की पुष्टि के बाद ब्यूरो की टीम ने मंगलवार को ट्रैप की कार्रवाई की। टीम ने सहायक अभियंता शिवराम को 25,000 रुपये और कनिष्ठ अभियंता मिन्ना खान को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों हिरासत में लिया।
दस्तावेज जुटाकर कानूनी प्रक्रिया शुरू
ब्यूरो की टीम दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। ब्यूरो ने शिकायत, सत्यापन और ट्रैप कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज जुटाने शुरू कर दिए हैं। पूछताछ के आधार पर रिश्वत मांगने के पूरे मामले की कड़ियां जांची जाएंगी और नियमानुसार कार्रवाई होगी।