राजस्थान के कोटा रामगंजमंडी थाना इलाके के कुदायला इंडस्ट्रीज एरिया में 23 अक्टूबर को स्टोन फैक्ट्री के क्वार्टर में हुई युवक की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। हत्या के आरोप में पुलिस ने भागचंद उर्फ बल्लू भील पुत्र चतुरा (31) निवासी जिला बारां को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने शराब के नशे में कहासुनी के बाद साथी की पत्थर से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी थी।
एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने बताया कि रामगंजमंडी थाना इलाके के कोयला इंडस्ट्रीज एरिया में कोटा स्टोन फैक्ट्री का मशीनमेन नरेंद्र कुमार बैरवा अपनी पत्नी के साथ फैक्ट्री में बने क्वार्टर में रहता था। पास वाले क्वार्टर में उसके माता-पिता भी रहते है। नरेंद्र की पत्नी पीहर गई हुई थी। 24 अक्टूबर 2022 की सुबह नरेंद्र की मां उसके पास चाय लेकर गई तो वह खून से लथपथ नीचे पड़ा था।
नरेंद्र की मौत की सूचना पाते ही सभी वर्कर मौके पर इकट्ठे हो गए। मृतक नरेंद्र के पिता ने बेटे को आखिरी बार भागचंद के साथ देखा था। उससे पूछताछ की गई तो उसने परिजनों को बताया कि शराब के नशे में गिरने के कारण उसके सर में चोट लग गई थी, जिससे उसकी मौत हो गई। भागचंद ने मृतक के पिता से कहा कि पीएम कराने से शव की चीर-फाड़ होगी जो सही नहीं है।
इसके बाद माता-पिता शव लेकर अपने गांव सातल खेड़ी चले गए। जहां अंतिम संस्कार के समय नरेंद्र के सिर के अलावा सीने, पैरों और कूल्हे पर भी घाव के निशान नजर आए, हालांकि उन्होंने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। बाद में वापस लौटकर नरेंद्र के पिता ने रामगंजमंडी थाना में बेटे की हत्या की आशंका जताते हुए केस दर्ज कराया।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संदिग्ध भागचंद उर्फ बल्लू को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने नरेंद्र की हत्या करना स्वीकार कर लिया।
आरोपी भागचंद ने पुलिस को बताया कि 22 अक्टूबर को दीपावली के त्योहार पर फैक्ट्री मालिक ने मजदूरों को बोनस दिया था। बोनस मिलने पर नरेंद्र, भागचंद समेत कई अन्य मजदूर दिन से ही शराब पीने लगे। शाम करीब 7-8 बजे शराब के नशे में भागचंद और नरेंद्र की कहासुनी हुई। उस समय दूसरे मजदूरों ने मामला शांत करा दिया। इसके बाद रात को नरेंद्र ने फिर शराब पी और रात करीब 1:30 बजे उसके साथ गाली-गलौज करने लगा।
इस दौरान आरोपी भागचंद ने नरेंद्र के लात मार दी, जिससे उसका सिर पट्टी के कोने में लगने से वह नीचे गिर गया और अचेत हो गया। इसके बाद भागचंद ने उस पर पत्थर से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी भागचंद घर जाकर सो गया। सुबह पुलिस से बचने के लिए उसने नरेंद्र के परिजनों को झूठी कहानी सुनाई और फिर बिना पीएम के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए कह दिया।