राजस्थान के बूंदी में चंबल नदी को पार करते समय एक नाव पलट गई। इसमें 45 लोग सवार थे। इनमें से 19 लोगों को नदी से बाहर सुरक्षित निकाल दिया गया है। अभी तक 11 लोगों के शव मिले हैं। तीन लोग अभी भी लापता हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मृतकों के परिजनों को एक लाख रुपये का मुआवजा देने का एलान किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक
इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है। प्रधानमंत्री ने कहा, राजस्थान में नाव डूबने की घटना से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं उनके साथ हैं जिन्होंने इस घटना में अपने प्रियजनों को खोया है।
कलेक्टर और एसपी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। राहत और बचाव का काम जारी है और गोताखोरों की मदद से शव निकाले जा रहे हैं। यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने जिला कलेक्टर और एसपी को रेस्क्यू ऑपरेशन त्वरित रूप से चलाने का निर्देश दिया है।
ये हादसा इटावा शहर से जुड़े हुए खातोली क्षेत्र के पास हुआ, घटना के दौरान नाव में 45 लोग सवार थे। वहीं लोगों के अलावा नाव में 14 बाइक भी रखी हुई थी, जिन्हें नदी पार कराने के लिए रखा गया था। जैसे ही इस घटना के बारे में पता चला कि वैसे ही आस-पास के इलाकों से ग्रामीण मदद करने के लिए आ गए।
जानकारी के मुताबिक यह घटना गोठला कला के पास कमलेश्वर धाम को जाते हुए हुआ। बता दें कि इस हादसे में डूबे गए 45 में से 24 लोगों को बचा लिया गया है और छह लोगों की मौत हो गई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन दोनों ही मौके पर पहुंच गए थे।
ऐसा बताया जा रहा है कि नाव में ज्यादा वजन होने की वजह से ये हादसा हुआ। जानकारी मिलते ही इटावा क्षेत्र के पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस हादसे को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने चिंता जताई है। साथ ही लोकसभा सचिवालय ने जिला प्रशासन के साथ संपर्क किया है। इसके अलावा कोटा से एसडीआरएफ टीम घटना स्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं।