पेयजल संकट से त्रस्त पाली मारवाड़ तक संचालित वाटर ट्रेन ने शनिवार को अपने 200 फेरे पूरे कर लिए। जोधपुर रेल मंडल के भगत की कोठी रेलवे स्टेशन से वॉटर ट्रेन के जरिए पाली पानी भेजी जा रही है। आठ हजार वैगन के जरिए अब तक 43.20 करोड़ लीटर पानी भिजवाया जा चुका है। जिससे वैगन किराया के रूप में रेलवे को करीब 6.50 करोड़ का राजस्व मिला है।
वाटर ट्रेन 17 अप्रैल को हुई थी शुरू
जोधपुर से वाटर ट्रेन 17 अप्रैल को शुरू की गई थी। अब तक 200 फेरे पूरे हो चुके हैं। पानी की समस्या खत्म होने तक इसी तरह वाटर स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। यह वाटर ट्रेन उत्तर-पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के उपनगरीय भगत की कोठी रेलवे स्टेशन से भर कर भेजी जा रही है।
पहले भी भेजी जा चुकी है पानी
30 साल पहले पाली के जवाई बांध से नहर के जरिए जोधपुर तक पानी लाया जा रहा था। 20 साल में पहली बार इतने लंबे समय तक वाटर ट्रेन चलाई जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार ने अलग से बजट की भी घोषणा की है। करीब तीन महीने तक चलने वाली इस ट्रेन पर 16 करोड़ रुपये खर्च होंगे।