बांसवाड़ा जिले से गुजर रहे स्वरूपगंज-रतलाम राष्ट्रीय राजमार्ग 927-ए से सटी करोड़ों रूपए की 11 बीघा सरकारी जमीन तहसीलदार और अन्य कर्मचारियों ने मिलीभगत कर अपने परिचितों के नाम कर दी।
जिले के गढ़ी तहसील क्षेत्र में इस भूमि घोटाले की जानकारी पर प्रशासन ने जांच के बाद 5 गिरदावर और 2 पटवारी निलंबित कर दिए हैं। साथ ही सेवानिवृत हो चुके तहसीलदार सहित सभी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में प्रकरण दर्ज कराया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 927-ए बांसवाड़ा जिले में अगरपुरा, मोर, चौपासाग, गढ़ी, परतापुर, साकरिया, नवागांव, वजवाना, तलवाड़ा, कूपड़ा, बांसवाड़ा, कटुम्बी, छोटी सरवन, दानपुर होते हुए मध्यप्रदेश सीमा से जुड़ता है।
मामले के अनुसार गढ़ी तहसील क्षेत्र के बेड़वा, भगोरा, साकरिया, नवागांव, झाझुपुरा, रोहिड़ा, वजवाना और सुंदनी में तत्कालीन तहसीलदार केसरसिंह चौहान और अधीनस्थ गिरदावर और पटवारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 927-ए से सटी 111 बीघा सरकारी जमीन मिलीभगत कर अन्य लोगों के नाम खातेदारी कर दी।
इस जमीन की कीमत लगभग 30 करोड़ रूपए है। इस मामले में लिप्त कर्मचारियों ने 2022 से 2023 की अवधि में भूमि घोटाला करने के बाद अपना तबादला करा दिया, वहीं तहसीलदार चौहान सेवानिवृत हो गए।
सफेद कागज से किया खेल
मामले में सामने आया कि जमीन के इस खेल में पटवारियों की अहम भूमिका रही। पटवारी निखिल गरासिया को राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे आठ पटवार मंडलों का भी अतिरिक्त चार्ज दिया गया। सभी जगह पटवारियों ने सरकारी जमीनों की ऑनलाइन फाइलें बनाई। सॉफ्वटेयर में जमाबंदी, आधार कार्ड और फोटो लगाने की जगह पर सफेद कागज अपलोड करके जमीन को सरकार से खातेदारी कर दी। मिलीभगत के चलते इन फाइलों को पहले गिरदावरों और बाद में तहसीलदार ने सहमति दे दी। बाद में जिन लोगों के नाम जमीन हुई, उन्होंने इसे बेच भी दी।
इन पर गिरी गाज
इस मामले के सामने आने के बाद जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने गढ़ी तहसीलदार नरेंद्र कुमार को अन्य के नाम की जमीन की खातेदारी निरस्त कर पुनः श्री सरकार कर दिया है। इसके साथ ही गिरदावर दीपक जैन, गौतमलाल पाटीदार, प्रदीप सुथार, दिनेशचंद्र पाटीदार और अविनाश राठौड़ को निलंबित कर दिया है।
गिरदावर से नायब तहसीलदार बने अनिल ताबियार को निलंबित करने के लिए राजस्व मंडल को पत्र लिखा है। साथ ही पटवारी नीलेश परमार, आरपीजी पटवारी अभिलाषा जैन को भी निलंबित किया है। वर्तमान में डूंगरपुर में कार्यरत पटवारी निखिल गरासिया को डूंगरपुर कलेक्टर ने निलंबित कर दिया है। गढ़ी तहसीलदार नरेंद्र कुमार ने सेवानिवृत्त तहसीलदार केसरसिंह चौहान सहित सभी आरोपी अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ एसीबी में मुकदमा दर्ज कराया है।