भरतपुर की पॉक्सो कोर्ट संख्या 2 ने दुष्कर्म मामले में दोषी पाए गए युवक को 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी युवक पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। करीब छह साल बाद कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाया है।
जानकारी के अनुसार घटना सीकर थाना क्षेत्र की है। 20 अक्टूबर 2017 को रात करीब 8 बजे एक 15 साल की नाबालिग अपनी मां के साथ शौच के लिए जा रही थी। इस दौरान गांव के लखविंदर और उसका भाई निर्मल एक बाइक पर आए। उनके पास कट्टे थे। दोनों भाइयों ने मां-बेटी को कट्टा दिखाकर नाबालिग को जबरन बाइक पर बैठा लिया। मां ने बेटी को छुड़ाने की कोशिश की तो उसे धक्का दे दिया। जिससे वह घायल हो गई।
नाबालिग के अपहरण के बाद महिला घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। नाबालिग के परिजन आरोपी भाइयों के घर पहुंचे और उनके परिजनों को जानकारी दी। अगले दिन सुबह करीब 10 बजे नाबालिग घर पहुंची। उसने परिजनों को बताया कि दोनों भाई उसे नटकपुर ले गए थे। जहां दोनों ने पूरी रात उसके साथ दुष्कर्म किया। 21 अक्टूबर 2017 को नाबालिग के परिजनों ने सीकरी थाने में केस दर्ज करवाया था। पुलिस जांच में निर्मल को आरोपी नहीं पाया गया। जिस कारण उसे बरी कर दिया गया।