जयपुर में कानोता स्थित आवाज फाउंडेशन के आवासीय विद्यालय में मूक-बधिर बालिकाओं से दुष्कर्म के मामले में कई बातें सामने आई हैं।
काउंसलिंग में दो पीड़ित छात्राओं ने बताया कि आवाज फाउंडेशन में आठ और छात्राओं से दुष्कर्म हुआ था। साथ ही एक का गर्भपात भी कराया गया था।
ये आठों छात्राएं गांधी नगर स्थित शिशु गृह से नहीं हैं। ये बाहरी छात्राएं हैं और अभी छुट्टियों में अपने घर गई हुई हैं।
इध्ार राज्य मानवाधिकार आयोग ने मामले में संज्ञान लेते हुए समाज कल्याण विभाग से पंद्रह दिनों में जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
बाहर भी ले जाते थे कर्मचारी
काउंसलिंग के दौरान पीड़ित बच्चियों ने यह भी बताया कि कर्मचारी उन्हें जबरदस्ती बाहर भी ले जाते थे। पुलिस इसकी जांचकर रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि आवाज फाउंडेशन की संचालिका अल्पना शर्मा ने कानोता के अलावा एक अन्य आवासीय विद्यालय भी अवैध रूप से चला रखा था।
लिए जाएंगे सभी छात्राओं के बयान
डीसीपी का कहना है कि अब इस मामले में आवाज फाउंडेशन में पढ़ने वाली सभी छात्राओं के बयान लिए जाएंगे।
स्कूल का रिकॉर्ड भी खंगाला जाएगा। साथ ही उन छात्राओं का भी पता लगाया जाएगा जो पढ़ाई बीच में ही छोड़ कर चली गईं।
आदेश की अनदेखी
बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने छह माह पहले आदेश दिया था कि किसी भी महिला या बालिका केंद्र में पुरूष कर्मचारी को नहीं रखा जाएगा। इसके बावजूद भी एक-दो संस्थानों को छोड़कर हर जगह पुरूष कर्मचारी हैं।
मंत्री और अधिकारी नहीं पहुंचे मिलने
बालिका एवं शिशु गृह की मूक-बधिर छात्राओं से यौन शोषण की घटना सामने आने के चार दिन बाद भी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग कोई विभागीय जांच शुरू नहीं की है और न ही अब तक किसी को जिम्मेदार ठहराया।
विभाग का कोई शीर्ष अधिकारी बच्चियों से आकर मिला भी नहीं है।
क्या है मामला
जयपुर में गांधीनगर स्थित बालिका व शिशु गृह की दो नाबालिग मूक-बधिर बालिकाओं से एक आवासीय विद्यालय में दुष्कर्म की घटना सामने आई थी।
विद्यालय के ही कर्मचारी और अधिकारी पर बच्चियों के साथ दुष्कर्म का आरोप है।