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हाड़ौती में पेयजल संकट होगा दूर,हवाई मार्ग से जुड़ेगा रणथंभौर

Wed, 08 Mar 2017 04:48 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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बजट अभिभाषण के दौरान सीएम राजे - फोटो : Internet
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मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश करते हुए प्रदेश के हाड़ौती अंचल को कई सौगातें दी है। इस बार बजट में हाड़ौती में पेयजल परियोजनाओं को लेकर ज्यादा घोषणाएं हुई वहीं अंचल में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई प्रोजेक्टस पर काम शुरू होगा। अपने बजट अभिभाषण में सीएम ने हाड़ौती क्षेत्र के लिए जो घोषणाएं की है वो इस प्रकार है:
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सीएम ने हाड़ौती क्षेत्र में पानी की किल्लत को देखते हुए इस बार बजट में विभिन्न पेयजल परियोजनाओं को बजट में शामिल किया है। 

41 लाख लोगों को पीने का पानी मुहैया कराने के लिए बीसलपुर-चंबल परियोजनाओं की रफ्तार को बढ़ाया जाएगा साथ ही लंबित पड़ी बीसलपुर बांध से उनियारा—देवली पेयजल परियोजना टोंक जिले के लिए,बोराबास—मंडाना पेयजल परियोजना कोटा के लिए,चंबल बूंदी क्लसटर पेयजल परियोजना बूंदी जिले के लिए को प्राथमिकता में रखते हुए पूरा किया जाएगा। 

कोटा की पेयजल योजनाओं में सुधार करते हुए डिग्गियों के निर्माण पर 100 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे

सीएम राजे ने बूंदी को पेयजल परियोजना के लिए 80 करोड़ रूपए की सौगात दी है,वहीं इंद्रगढ़,संबलगढ़ मंडी समेत 45 गांवों को शुद्ध पेयजल की सौगात दी है। बांरा जिले के अंता तहसील के 17 गांवों को भी शुद्ध पेयजल की सौगात दी गई है। सवाईंमाधोपुर के गंगापुर सिटी में आरओ प्लांट लगाए जाने का भी प्रावधान है। 
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मुख्यमंत्री ने प्रदेश में शिक्षा के स्तर को प्रोत्साहन देने के लिए हाड़ौती के कुछ विद्यालायों को क्रमोन्नत करने की घोषणा की है। ऐसे में जिन भी माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 10 में 40 से ज्यादा छात्र है उनको क्रमोन्नत करते हुए उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत किया जाएगा।बूंदी में तीन विद्यालयों को क्रमोन्नत करने की घोषणा की गई है वहीं टोंक में एक स्कूल में विज्ञान संकाय होगा। 

मुख्यमंत्री ने राज्य राजमार्गो के निर्माण के लिए प्रदेश में 796 किलोमीटर सड़क का जाल बिछाने की घोषणा की है जिसमें करीब 580 करोड़ रूपए की लागत आएगी। हाड़ौती संभाग में सड़कें बनाई जानी प्रस्तावित हैे जिनमें देवली—कनवास लंबाई 15 किलोमीटर का निर्माण कराया जाएगा। वहीं जस्टाना—बौली—निवाई 13 किलोमीटर,बारां—नाहरगढ़ 18 किलोमीटर,छबड़ा—कुंभराज लंबाई 28 किलोमीटर का विकास किया जाएगा। बूंदी से बिजौलिया तक 50 किलोमीटर की लंबी संड़क बनाए जाने का प्रस्ताव भी इस बजट में रखा गया। खनिज विकास के महत्व को देखते हुए टोडारायसिंह—बोटून्दा के बीच 20 किलोमीटर की सड़क को विकसित किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना के तहत उदयपुर,भीलवाड़ा के साथ कोटा में कृषि खंड को पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू किया जाएगा। 

कोटा के पशु चिकित्सालय में अत्याधुनिक 'कलर डॉप्लर मशीन' एवं अन्य आधुनिक रोग निदान उपकरणों की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। 

आगामी दो वर्षों में कोटा,बूंदी, टोंक एवं सवाईमाधोपुर की सिंचाई परियोजनाओं का जीर्णोद्धार कार्य कराया जाएगा। 

चंबल नहर की वितरण प्रणाली में सुधार करने के लिए पिछले 3 सालों में 115 करोड़ खर्च किए गए, जिसे चालू रखते हुए आने वाले वर्ष में भी 125 करोड़ रूपए की लागत से सुधार कार्य कराए जाएंगे। 

सीएम राजे ने कहा कि चंबल बेसिन के पानी को राज्य के अन्य जिलों में पहुंचाने के लिए 'ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट' की डीपीआर तैयार की जा रही है इससे राज्य के 13 जिले,झालावाड़,बारां,कोटा,बूंदी,सवाईमाधोपुर,अजमेर,टोंक,जयपुर,करौली,अलवर,भरतपुर,दौसा एवं धौलपुर के लोगों को पेयजल उपलब्ध हो पाएगा। 

बारां,झालावाड़ एवं कोटा के लगभग 2 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के लिए बांध निर्माण करने की क्लीयरेंस दे दी गई है जिसके लिए टेंडर भी आमंत्रित किए जा चुके हैं इस प्रोजेक्ट का बजट 700 करोड़ से 1000 करोड़ तक बढ़ा दिया गया है। 

परवन बहुद्देश्यीय सिंचाई परियेाजना एवं इस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय महत्व परियोजना घोषित कराने के लिए केंद्र सरकार के सामने प्रस्ताव प्रस्तूत किया जाएगा। 

बूंदी जिले के क्षतिग्रस्त गरड़दा बांध का पुनर्निर्माण कार्य फिर से शुरू किया जाएगा जिससे 9 हजार हैक्टेयर क्षेत्र के किसानों को काफी लाभ होगा। 

कोटा वर्धमान महावीर खुला विद्यालय में उद्यमिता विकास केंद्र बनाया जाएगा। वहीं शहर में 30 करोड़ की लागत से देवनारायण योजना के तहत आदर्श छात्रावास एवं आवासीय विद्यालय खोले  जाएंगे। 

सीएम ने खेलों को प्रोत्साहन देने की दिशा में कोटा में एक कुश्ती एकेडमी खोले जाने की घोषणा की है।

स्वास्थ संबधी घोषणाओं में सीएम राजे ने हाड़ौती संभाग में अस्पताल एवं स्वास्थ केंद्र खोले जाने की घोषणा की। राजे ने बारां जिले के अस्पातलों में स्वास्थ केंद्र खोले जाने की घोषणा की वहीं टोंक में नवीन जिला आयुर्वेद चिकित्सालय खोलने की बात कही। सिलिकोसिस बीमारी के इलाज के लिए हाड़ौती अंचल के कोटा में अलग से एक सेक्शन स्थापित किए जाने का भी प्रस्ताव है। 

राजे ने बारां जिले में  अपर जिला एवं सेशन कोर्ट खोलने की सौगात⁠ दी है। 




 
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हवाई मार्ग से जुड़ेगा रणथंभौर नेशनल पार्क

रणथम्भोर नेशनल पार्क - फोटो : demo pic
पर्यटन की दृष्टि से दुनियाभर में खास पहचान बनाने वाले रणथम्भौर अभ्यारण्य को हवाई मार्ग से जोड़ा जाएगा। रणथंभौर को हवाई मार्ग के जरिए कोटा और जयपुर से जोड़ने की योजना है

हाड़ौती अंचल की महत्वपूर्ण दरगाहों जैसे दरगाह आधारशिला कोटा, दरगाह ख्वाजा हमीमुद्दीन चिश्ती उर्फ मिट्ठेमहाबली गागरेन जिला झालावाड़ तथा हजरत मीरा साहब बूंदी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा,जिन पर 7 करोड़ 58 लाख रूपए का व्यय होगा। 

केशोरायपाटन में केशवराय मंदिर एवं झालावाड़ के सूर्य मंदिर का 20 करोड़ रूपए लगाकर जीर्णोद्धार किया जाएगा। टोंक में हस्तलिखित ग्रंथों का डिजिटलाइजेशन किया जाएगा। 

शहरी क्षेत्र की जनता को प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराने,घूमने फिरने और मनोरंजन के लिए जयपुर के स्मृति वन की तर्ज पर बारां के शाहबाद किला स्मृति उद्यान का 24 लाख रूपए की लागत से निर्माण किया जाएगा। 
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