पंजाब के अमृतसर में रिश्तेदारों के दो पक्षों में झगड़ा हो गया। विवाद के व्यक्ति की मौत के बाद ही थमा। दरअसर विवाद ससुरालियों व मायका पक्ष के लोगों के बीच हुआ। लड़की ने अपनी मर्जी से शादी की तो उसके परिजनों ने दामाद व उसके परिवार पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में एक युवक की मौत हो गई। मृतक का नाम राजबीर सिंह है और गांव छन्नघोगा का रहने वाला था। थाना अजनाला पुलिस ने लगभग दो दर्जन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
आरोपियों के नाम गांव हाशमपुरा निवासी वजीर सिंह (ससुर), शिंदा सिंह, जज सिंह, मोटा सिंह, माणी कार (सास), लधा सिंह, प्यारा सिंह, सत्ता सिंह, बलवंत सिंह, मंगलदीप सिंह, टहल सिंह व इनके अन्य अज्ञात साथी है। सभी के खिलाफ हत्या, हत्या प्रयास, बंधक बनाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।
पुलिस शिकायत में भिंडीसैदा निवासी निवासी सुखदेव सिंह ने बताया कि तीन साल पहले वजीर सिंह की बेटी जशनप्रीत कौर के साथ उसका प्रेम विवाह हुआ था। आरोपी वजीर सिंह और उसके मायके वाले इस शादी से खुश नहीं थे। उसकी पत्नी ने बेटी को जन्म दिया था। बेटी होने के बाद परिवार ने जशनप्रीत कौर के साथ कुछ बातचीत करनी शुरू कर दी। कुछ दिन पहले जशनप्रीत कौर को उसके पिता वजीर सिंह ने घर बुलाया था। जैसे ही जशनप्रीत कौर बेटी के साथ पिता के घर पहुंची तो आरोपियों ने उसे बंधक बना लिया और वापस नहीं आने दिया। यहां तक कि पत्नी को उसके साथ बातचीत नहीं करने देते थे।
25 अगस्त को पत्नी ने किसी तरह फोन पर बात कर उसे सूचना दी। इसके बाद वह अपनी तीन बहनों राजविंदर कौर, सुमनप्रीत कौर और शिंदर कौर, दोस्त राजबीर सिंह उर्फ राजू सहित सात आठ लोग जशनप्रीत कौर को लेने गए थे। जब वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ ससुराल पहुंचा तो वहां आरोपी पहले से हथियारों के साथ लैस थे। आरोपियों ने उनकी कोई बात न सुनी और सीधा हमला कर दिया। इतना ही नहीं, आरोपी वजीर सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर राजबीर सिंह पर दातर और किरचों से वारकर लहूलुहान कर दिया। घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां राजबीर की मौत हो गई। सब इंस्पेक्टर सतनाम सिंह ने कहा कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए टीमें दबिश दे रहीं हैं।