फाजिल्का के अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश जेपीएस खुरमी की अदालत ने महिला की हत्या के आरोप में एक युवक को दोषी करार देकर उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं दोषी युवक के पिता और उसके नौकर को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है।
अगस्त 2012 में फैजकोठी निवासी गुरजीत सिंह पुत्र मंजीत सिंह आनंद नगरी गली नं. 4 निवासी पूजा रानी को रात के समय काला टिब्बा के पास अपने खेतों में ले गया। जहां किसी बात को लेकर इनका झगड़ा हो गया। गुरजीत सिंह ने उसकी कस्सी से हत्या कर अपने नौकर तारा चंद उर्फ तारी पुत्र बीरवल निवासी गांव काला टिब्बा के सहयोग से उसे नहर में फेंक दिया।
खून से लथपथ उसके कपड़े मौके पर ही जला दिए और हत्या वाले कमरे का खून पानी से साफ कर दिया। वहीं पूजा रानी पत्नी प्रेम कुमार के परिजनों ने पुलिस को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई।
30 अगस्त 2012 को गांव गुमजाल के चौकीदार मौजी राम पुत्र रिशपाल राम, बुद्ध राम और काहना राम को नहर में एक महिला की लाश दिखाई दी। इनकी सूचना पर थाना खुईयां सरवर पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और इन तीनों के बयानों पर अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 302, 201, 34 के तहत मामला दर्ज किया।
पुलिस ने जब महिला के मोबाइल पर की गई कॉल की जानकारी खंगाली तो पता चला कि अंतिम बार उसने फैजकोठी निवासी गुरजीत सिंह से संपर्क किया था। इसी आधार पर पुलिस ने गुरजीत सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो सारा मामला सामने आ गया।
पुलिस ने दर्ज किए गए मामले में गुरजीत सिंह और हत्या के बाद सबूताें को मिटाने में सहयोग करने के आरोप में उसके पिता मंजीत सिंह व नौकर तारा चंद उर्फ तारी को शामिल कर गिरफ्तार कर लिया और अदालत में चालान पेश किया। जिसकी सुनवाई करते हुए फाजिल्का के अतिरिक्त एवं सत्र न्यायधीश जेपी एस खुरमी की अदालत ने गुरजीत सिंह वासी फैज कोेठी को पूजा की हत्या का दोषी मानते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। उसके पिता मंजीत सिंह पुत्र हजारा सिंह और नौकर तारा चंद पुत्र बीरवल राम को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।