विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अब पंजाब की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र भी दिल्ली होने वाला है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में शिअद ने भले ही चार सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं, लेकिन पार्टी ने चारों सीटों को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंकने की रणनीति बनाई है।
विधानसभा चुनाव के लिए शिअद, भाजपा ही नहीं कांग्रेस के आला नेता भी दिल्ली का रुख करने लगे हैं।
सभी दलों के नेता दिल्ली में डालेंगे डेरा
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष एवं पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल 22 नवंबर को दल के चारों प्रत्याशियों की चुनाव मुहिम का औपचारिक उद्घाटन करेंगे।
दल के प्रवक्ता एवं सचिव डा. दलजीत सिंह चीमा दिल्ली में इसकी तैयारियों में लगे हैं। चीमा के अनुसार 22 नवंबर को सुखबीर बादल ने शिअद के सभी आला नेताओं की दिल्ली में बैठक बुलाई है।
इससे पहले ही पूर्व केंद्रीय मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया ने दिल्ली में डेरा डाल रखा है। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी अगले सप्ताह दिल्ली जाएंगे।
अकाली दल के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि ऐसे नेताओं की सूचियां तैयार की गई हैं जो दिल्ली में पार्टी के लिए वोट डलवाने में लाभदायक हो सकते हैं।
पार्टी ने सभी मंत्रियों, विधायकों और सांसदों को दिल्ली में स्थायी डेरा डालने के लिए तुरंत चलने को कहा है।
शिअद चार सीटों पर लड़ रही चुनाव
गौरतलब है कि अकाली दल दिल्ली में दो सीटों पर भाजपा के चुनाव चिह्न और दो सीटों पर अपने चुनाव चिह्न पर लड़ रही है।
यह चुनाव सुखबीर बादल की चुनावी रणनीति की परीक्षा भी होगी। कांग्रेस ने वर्तमान में कुलजीत सिंह नागरा, राजा वडिंग को दिल्ली बुलाया है।
जल्द ही पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा, कैप्टन अमरिंदर सिंह और अन्य नेताओं को भी दिल्ली की सिख वोट बैंक वाली सीटों पर बुलाए जाने के आसार हैं।
भारतीय जनता पार्टी के मीडिया प्रभारी विनीत जोशी ने बताया कि पार्टी के संगठन के नेता जैसे हरजीत सिंह ग्रेवाल, मनजीत सिंह राय पहले से ही दिल्ली में हैं, अन्य नेता भी जल्द जाएंगे।
दिल्ली में पंजाबी वोटर जीत में बड़ी भूमिका निभाता है।