करनाल के बसताड़ा टोल प्लाजा के पास पाक से आई आधुनिक हथियारों की खेप के साथ पकड़े गए चार आरोपियों में से तीन आरोपी गुरप्रीत सिंह, अमनदीप सिंह व परमिंदर फिरोजपुर के ब्लाक मक्खू स्थित वनजोके मोड़ के रहने वाले हैं। गुरप्रीत सिंह और अमनदीप सिंह दोनों सगे भाई हैं। गुरप्रीत पर थाना मक्खू में छह मामले दर्ज हैं, जबकि परमिंदर पर तीन केस दर्ज हैं। ये तरनतारन से लगते सीमांत इलाके में सक्रिय थे। इनके पाक आतंकियों से संबंध हैं, इसकी जानकारी फिरोजपुर पुलिस को नहीं थी।
तरनतारन में हाल में कई बार पाक ड्रोन, हेरोइन व हथियारों की खेप फेंककर गए हैं। यही नहीं बुधवार रात भी पाक ड्रोन तरनतारन के गांव ढल (बीएसएफ की चौकी बाबा पीर) के पास देखा गया है, बीएसएफ ने इसे गिराने के लिए फायरिंग भी की, लेकिन असफल रहे। दूसरी तरफ, थाना मक्खू के एसएचओ गुरप्रीत सिंह ने कहा कि दोनों में से एक भाई के खिलाफ छह मामले दर्ज हैं। सूत्रों के अनुसार दोनों भाई बब्बर खालसा के आतंकी जसवंत सिंह उर्फ काला के साथी हो सकते हैं।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक मक्खू और तरनतारन इलाका आतंकी गतिविधियों में काफी चर्चित है। पाक आतंकियों की तरफ से तरनतारन में ड्रोन के जरिये हेरोइन और असलहा गिराने की घटनाएं हुई हैं। कई बार तरनतारन के सीमांत इलाके से बीएसएफ ने फायरिंग कर पाक ड्रोन पकड़े भी हैं। कई ऐसे ड्रोन पकड़े थे, जो हेरोइन व असलहा की डिलीवरी देकर पाक लौट रहे थे। पुलिस इस बात का सुराग लगाने में जुट गई है कि पाक की तरफ से ड्रोन के जरिये आने वाली सामग्री ये दोनों भाई तो रिसीव नहीं करते थे। क्योंकि दोनों आधुनिक हथियारों के साथ करनाल में पकड़े गए हैं।
मालूम हो कि सुरक्षा एजेंसियां तरनतारन में पाक ड्रोन से आए हथियारों के साथ कई आरोपियों को पकड़ चुकी है। जानकारों का कहना है कि बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) संगठन से कई गैंगस्टर, तस्कर व नौजवान जुड़े हैं। फिरोजपुर स्थित थाना मल्लांवाला के गांव कोहाला में 11 जुलाई 2017 को गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी को गिरफ्तार किया था, जबकि गैंगस्टर अशोक कुमार उर्फ अमन सेठ फरार हो गया था। ये भी बीकेआई से जुड़े थे।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक बब्बर खालसा का आतंकी जसवंत सिंह उर्फ काला मुक्तसर व फिरोजपुर एरिया में सक्रिय था, जो हाल में यूपी जेल में बंद है। इसने अपने साथ पैसों का लालच देकर गैंगस्टरों, तस्करों और कई नौजवानों को जोड़ा हुआ है। जो उसके इशारे पर कहीं भी किसी तरह की वारदात को अंजाम देने को तैयार रहते हैं। हाल में कई इलाकों में खालिस्तान के झंडे और नारे लिखने की वारदात हुई थीं, ये सभी संगठन से जुड़े लोग कर रहे हैं। इस संगठन से गुरप्रीत सिंह व अमनदीप सिंह के जुड़े होने की बात कही जा रही है। इसीलिए ये लोग पाक से आई हथियारों की खेप लेकर दिल्ली लेकर जा रहे थे। कुछ माह पूर्व आतंकी सुक्खा और प्रवीन ने टिफिन बम से जलालाबाद की सब्जी मंडी और फिरोजपुर में नमक मंडी में विस्फोट किए थे, इनके पास से टिफिन बम भी मिले थे, जो अब जेल में बंद हैं। यही नहीं इनके साथी लुधियाना के जगरांव से टिफिन बम संग पकड़े थे। ये सभी सीमांत गांवों के रहने वाले हैं, जिनके पाक तस्करों व आतंकियों से संबंध हैं।
बीकेआई के आतंकी काला के संपर्क में हैं यूपी, पंजाब और हरियाणा कई नौजवान
फिरोजपुर। बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के आतंकी जसवंत सिंह उर्फ काला ने यूपी, हरियाणा व पंजाब के कई नौजवानों को अपने संगठन के साथ जोड़ा है। इसके इशारे पर प्रत्येक वारदात को अंजाम देते हैं। कई स्कूलों व कालेजों में प्लस-वन व टू में पढ़ने वाले कई युवक इसके संपर्क में हैं। गैंगस्टर अशोक कुमार उर्फ अमन सेठ वासी मल्लांवाला काला के संपर्क में तब से था, जब ये प्लस-टू में पढ़ता था। काला ने अपने साथ जुड़े गैंगस्टरों व नौजवानों से कई धार्मिक डेरों के मुखियों की हत्याएं करवाई हैं। 84 के दंगों में तरनतारन, मक्खू व मल्लांवाला इलाके आतंकी सक्रिय थे, जिनकी आज भी गतिविधियां देखने को मिल रही है।