फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh: अग्निवीर आकाशदीप की मौत पर उठे सवाल, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सेना से मांगा जवाब

Thu, 14 May 2026 10:28 PM IST
शाहिल शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा सेना ने शुरुआती स्तर पर कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी (सीओआई) के जरिये जांच की बात कही थी लेकिन कई महीने बीतने के बावजूद भी न तो जांच रिपोर्ट साझा की गई और न ही कोई आधिकारिक निष्कर्ष बताया।
विज्ञापन
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए 20 वर्षीय अग्निवीर आकाशदीप सिंह की मौत के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सेना से स्पष्ट और तर्कसंगत जवाब मांगा है। अदालत ने कहा कि मृतक के माता-पिता को उनके बेटे की मौत से जुड़े हर पहलू की जानकारी मिलनी चाहिए और कोई भी अंतिम फैसला लेने से पहले उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई का पूरा अवसर दिया जाए।
विज्ञापन


जस्टिस संदीप मुदगिल के बेंच के समक्ष अग्निवीर के माता-पिता करमजीत कौर और बलविंदर सिंह की याचिका सुनवाई के लिए पहुंची थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि 15 मई 2025 को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के अवंतीपोरा क्षेत्र में आकाशदीप सिंह की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई लेकिन परिवार को अब तक वास्तविक कारण नहीं बताए गए। उन्हें केवल फोन पर बेटे की मौत की जानकारी दी गई थी और यह नहीं बताया गया कि घटना किन परिस्थितियों में हुई।

याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि सेना ने शुरुआती स्तर पर कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी (सीओआई) के जरिये जांच की बात कही थी लेकिन कई महीने बीतने के बावजूद भी न तो जांच रिपोर्ट साझा की गई और न ही कोई आधिकारिक निष्कर्ष बताया गया। इस पर हाईकोर्ट ने सेना को निर्देश दिया कि याचिका में उठाए गए सभी बिंदुओं पर विचार कर छह सप्ताह के भीतर विस्तृत और कारणयुक्त आदेश पारित किया जाए। अदालत ने कहा कि मामले में पारदर्शिता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन जरूरी है इसलिए मृतक के माता-पिता को व्यक्तिगत रूप से सुना जाए ताकि वे अपनी शंकाएं और आपत्तियां सीधे अधिकारियों के सामने रख सकें। किसी भी जांच प्रक्रिया में प्रभावित पक्ष को सुने बिना निष्कर्ष तक पहुंचना उचित नहीं माना जा सकता।
विज्ञापन


याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि 15 मई 2025 को माता-पिता की सहमति के बिना पोस्टमार्टम कराया गया। परिवार का दावा है कि आकाशदीप सिंह के शव पर तीन गोलियों के निशान थे। घटना उस समय हुई जब इलाके में ऑपरेशन सिंदूर चल रहा था। परिजनों के अनुसार, 16 मई को सेना ने फरीदकोट में पार्थिव शरीर सौंपा जिसके बाद अंतिम संस्कार किया गया। जून 2025 में यूनिट अधिकारियों से मुलाकात के बावजूद उन्हें मौत के वास्तविक कारणों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें