प्रदेश की अनाज मंडियों में किसानों की ओर से लाई जा रही फसल को भले ही एजेंसियां खरीद रही हैं लेकिन मंडियों में गेहूं की बोरियों की लिफ्टिंग के प्रबंधों में सुधार होता नजर नहीं आ रहा है। इसके कारण मंडी मे गेहूं की बोरियों के अंबार लगे हुए हैं। किसानों को भुगतान नहीं किया जा रहा है।
तरनतारन की अनाज मंडी में पनसप ने एक लाख 70 हजार 925 टन, पनग्रेन की एक लाख पांच हजार 776 टन, मार्कफैड की एक लाख 63 हजार एक टन, वेयरहाउस की एक लाख 30 हजार 868 टन, पंजाब एग्रो की ने एक लाख 46 हजार 600 टन और एफसीआई ने 81 हजार 529 टन गेहूं की खरीद की है।
आढ़ती यूनियन के प्रधान सुरिंदर कुमार ने बताया कि मंडी में करीब 80 लाख गेहूं की बोरियां खुले आसमान के नीचे पड़ी हुई हैं। मंडियों में गेहूं की लिफ्टिंग न होने से किसानों को गेहूं का भुगतान नहीं किया जा रहा है। आढ़तियों का कहना है कि तीन मई के बाद तरनतारन की अनाज मंडी में जितनी भी खरीद हुई है उसका भुगतान नहीं किया गया है।
मार्केट कमेटी तरनतारन के सचिव परमजीत सिंह चीमा ने बताया कि तरनतारन की अनाज मंडी में किसानों की जो फसल लाई जा रही है उसकी तुरंत एजेंसियां खरीद कर रही हैं। मंडी में लिफ्टिंग तेज करने के लिए विशेष आदेश दिए गए हैं।
जो भी खरीद एजेंसी निर्धारित समय पर गेहूं की खरीद नहीं करती उसके अधिकारियों को लिखित रूप में जिले के डिप्टी कमिश्नर की ओर से जवाब देने के आदेश दिए गए हैं।