उधर, सिविल सर्जन डॉ. सीमा ने बताया कि इस समय अस्पताल में 29 बच्चे उपचाराधीन हैं, जिनकी हालत स्थिर है। बाकी बच्चे ठीक होकर हॉस्टल लौट चुके हैं। पीटीयू प्रवक्ता रजनीश शर्मा के अनुसार, गुरुवार रात हॉस्टल के मेस में कुछ छात्रों ने पेट में गड़बड़ी की शिकायत की।
तत्काल उन्हें यूनिवर्सिटी की डिस्पेंसरी में दवा दी गई और करीब 30 छात्रों को सिविल अस्पताल कपूरथला में भर्ती करवाया गया। सभी छात्र अब ठीक हैं। रजनीश शर्मा ने बताया कि यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में मेस छात्रों की सहभागिता से चलाई जा रही है। कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय कुमार शर्मा ने चार सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी जांच के लिए गठित कर दी है।
तीन दिन पहले खुली मेस में फैली गंदगी
पीटीयू हॉस्टल में कढ़ी खाने के बाद 42 छात्रों के बीमार होने पर स्वास्थ्य विभाग कपूरथला हरकत में आ गया है। सिविल अस्पताल की आईडीएसपी टीम ने मेस के खाने व पानी के सैंपल लिए हैं। वहीं जांच में टीम को मेस में गंदगी की भरमार मिली। सिविल सर्जन डॉ. सीमा ने बताया कि मेस तीन दिन पहले ही खुली है। वहां गंदगी का आलम है। इन अनियमितताओं के चलते चेतावनी पत्र जारी किया जा रहा है। खाने व पानी के सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
वहीं पीटीयू प्रबंधन और सिविल अस्पताल की ओर से बताए जा रहे बीमार बच्चों का आंकड़ा भी अलग-अलग है। सिविल अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ. सीमा ने 42 विद्यार्थियों के बीमार होने की पुष्टि की है, जबकि पीटीयू प्रवक्ता करीब 30 बच्चों के बीमार होने की बात कह रहे हैं।