पंजाब में मंगलवार को हुए पंचायत चुनाव में कई जगह हिंसक घटनाएं हुई हैं। बठिंडा में लोगों ने पुलिस पर ही पथराव कर दिया। मंगलवार देर रात पंचायत चुनाव मतगणना के दौरान गांव भोडीपुरा और चक्क फतह सिंह वाला में पुलिस और ग्रामीण आमने-सामने हो गए। इस दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर संगीन आरोप लगाते हुए पथराव कर दिया तो वहीं पुलिस ने अपने बचाव में हवाई फायर किए और भीड़ को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
बुधवार को सुबह पुलिस ने भीड़ में शामिल लोगों के खिलाफ थाना नथाना, थाना दयालपुरा, थाना सदर में केस दर्ज कर अगली कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस पर हुए पथराव से सीआईए 1 के इंचार्ज नवरीत सिंह समेत चार पुलिस कर्मी घायल हो गए। इंचार्ज के सिर पर चोट ज्यादा होने कारण उनको पांच टांके लगाए गए। सभी जख्मी सिविल अस्पताल बठिंडा में दाखिल हुए थे। इस संबंधी एसएसपी अमनीत कोंडल ने पुष्टि कर दी है। इसके अलावा पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से जख्मी पूर्व सरपंच सुखदेव सिंह का उपचार भी सिविल अस्पताल में चल रहा है। उक्त पूरा विवाद मतदान केंद्रों में गिनती को लेकर दो राजनीतिक दलों के नेताओं से शुरू हुआ था, जिसने गंभीर रूप धारण कर लिया था।
पुलिस की मारपीट का शिकार हुए जख्मी पूर्व सरपंच सुखदेव सिंह भोडीपुरा ने बताया कि मंगलवार शाम को जब पंचायत चुनाव की गिनती स्कूल में हो रही थी तो वे स्कूल से कुछ दूरी पर थे। इसी दौरान कुछ पुलिसकर्मी उनके पास आए उन्हें भगाने लगे, इसी दौरान बहसबाजी हो गई। सुखदेव ने आरोप लगाया कि जब उनको एवं गांव के अन्य लोगों को पता चला कि पुलिस दूसरे पक्ष की सहायता कर रही है तो उन्होंने इस बाबत एतराज जताया। इतने में पुलिस कर्मियों ने उन पर डंडे बरसा दिए और पुलिस के साथ मौजूद विरोधी पक्ष के जोगा सिंह नामक व्यक्ति ने अपने पिस्तौल से फायर कर दिए। जब पुलिस ने ग्रामीणों को पीटना शुरू कर दिया तो गांव के अन्य लोगों ने मिलकर पुलिस का सामना किया। उनका आरोप था कि पुलिस अगर मतभेद न करती तो शायद इतनी बात न बढ़ती।
इसी तरह गांव चक्क फतह सिंह वाला में भी पुलिस पर भीड़ ने पथराव कर दिया, जिससे बचने के लिए पुलिस ने हवाई फायर करते हुए आंसू गैस के गोले छोड़े। ग्रामीणों द्वारा किए गए पथराव से सीआईए 1 इंचार्ज नवप्रीत समेत चार पुलिसकर्मी गंभीर घायल हो गए थे, जिनको उपचार के लिए बठिंडा के सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। सीआईए इंचार्ज के सिर पर गहरी चोट होने कारण उनके सिर पर पांच टांके लगाए गए।
वहीं, दूसरी तरफ एसपी सिटी नरिंदर सिंह का कहना था कि पुलिस ने उक्त दोनों मामलों की जांच करते हुए भीड़ में शामिल लोगों के खिलाफ थाना दयालपुरा एवं थाना नथाना में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर अगली कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी का कहना था कि ग्रामीणों द्वारा पुलिस पर लगाए जा रहे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। एसएसपी ने बुधवार सिविल अस्पताल पहुंच घायल पुलिस कर्मियों का हाल जाना। पंजाब पुलिसमुखी डीजीपी गौरव यादव भी उक्त पूरे मामले की जानकारी पुलिस के आला अधिकारियों से ले रहे हैं।
जख्मी पूर्व सरपंच से मिलने पहुंचे पूर्व मंत्री कांगड़
बुधवार दोपहर कांग्रेस के नेता एवं पूर्व मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ सिविल अस्पताल में दाखिल पूर्व सरपंच सुखदेव सिंह का हालचाल जानने पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा आप विधायक ने मतदान वाले दिन पूरा माहौल खराब किया, जो सत्ता के नशे में विपक्षी पार्टियों के नेताओं एवं प्रत्याशियों के अलावा आम लोगों को कुछ नहीं समझ रहे। वो उक्त विधायक के बाबत पहले ही जिला प्रशासन को सूचित कर चुके थे, उसके बावजूद प्रशासन ने राजनीतिक दबाव तले कोई बात नहीं सुनी। कांगड़ ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आम लोगों के साथ बुरी तरह मारपीट कर उनको घायल किया, जो उपचार के लिए सिविल अस्पताल में दाखिल हैं। पुलिस ने उन्हीं जख्मी बुजुर्ग लोगों पर संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज कर दिया। उन्होंने पंजाब के गवर्नर से मांग की कि उक्त पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए।