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ड्रग केस में मजीठिया से दो घंटे पूछताछ: बोले- मैं केजरीवाल नहीं, लॉरेंस के इंटरव्यू के लिए सीएम मान जिम्मेदार

Thu, 08 Aug 2024 06:18 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला

सार

पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया वीरवार को पटियाला में ड्रग केस में पूछताछ के लिए एसआईटी के सामने पेश हुए। एसआईटी ने उनसे दो घंटे तक पूछताछ की। इसके बाद मजीठिया ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान पर कई आरोप लगाए।
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बिक्रम मजीठिया - फोटो : संवाद
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विस्तार
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ड्रग केस में पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया वीरवार को पटियाला में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के सामने पेश हुए। एसआईटी ने उनसे दो घंटे तक पूछताछ की। इसके बाद  मजीठिया ने गुरुद्वारा श्री दुखनिवारण साहिब में माथा टेकने पहुंचे थे। यहां मजीठिया ने आम आदमी पार्टी को घेरा। उन्होंने अरविंद केजरीवाल और सीएम भगवंत मान पर कई आरोप लगाए। 

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बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को नैतिकता के आधार पर अपने पद से तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट मामले की जांच को गठित एसआईटी की ओर से सौंपी रिपोर्ट से अब यह साफ हो चुका है कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की इंटरव्यू मोहाली में सीआईए स्टाफ खरड़ में हुआ था, जबकि अब तक मान इस बात से पूरी तरह से इन्कार कर रहे थे। 

मजीठिया ने आरोप लगाया कि आप सरकार के राज में प्रदेश की कानून व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई है। जिस लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ 70 से अधिक केस चलते हैं और जिसने सिद्धू मूसेवाला का कत्ल कराया और सलमान खान को लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहा है। उसे सीआई स्टाफ खरड़ में पूछताछ के लिए लाया गया था, लेकिन वहां उसकी इंटरव्यू करवाया गया। पंजाब का गृह मंत्री होने के नाते इसकी जिम्मेदारी सीएम भगवंत मान की बनती है और ऐसे में उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। 
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मजीठिया ने कहा कि वह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तरह नहीं है। जिन्हें ईडी ने शराब घोटाले में नौ बार समन भेजा, लेकिन वह पेश नहीं हुए। दूसरी तरफ वह हैं, जिन्हें एसआईटी ने 11 बार बुलाया और आज वह सातवीं बार पेश हो रहे हैं। मजीठिया ने इस पूरे केस को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि उनसे अब तक कोई बरामदगी नहीं हुई। पांच महीने वह जेल में रह चुके हैं, लेकिन भगवंत मान सरकार जानबूझ कर उन्हें परेशान करने के लिए बार-बार पूछताछ के लिए बुला रही है। 

सुप्रीम कोर्ट में आप नेता संजय सिंह के केस में होने वाली सुनवाई में वह पेश न हो सकें, इसलिए भगवंत मान ने जानबूझ कर उन्हें 18 जुलाई को ड्रग केस में समन करा दिया। उन्होंने अपने वकीलों के जरिये लिखकर भी एसआईटी को भेजा कि वह 23 जुलाई तक पेश नहीं हो सकेंगे। बावजूद इसके 20 जुलाई को फिर से बुला लिया गया। मजीठिया ने तंज कसते कहा कि मान सीएम हाउस में ही उन्हें बुला लें और जो सवाल पूछने हैं पूछ लें। लगे हाथों वह भी कुछ सवाल मान से पूछ लेंगे। साथ ही उन्होंने एसआईटी पर भी सवाल उठाए। मजीठिया ने कहा कि पहले डीजीपी स्तर की एसआईटी थी और अब डीआईजी स्तर पर आ गई है।

मजीठिया ने कहा कि मान सरकार हर फ्रंट पर फेल साबित हो रही है। पंजाब में रोजाना कहीं न कहीं से चोरी, डकैती व फिरौती मांगने की वारदातें सामने आ रही हैं। मजीठिया ने कहा कि वह पहले की तरह सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। वह दबने वालों में से नहीं हैं।

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