नए साल से प्रदेश में उपभोक्ता उत्पाद महंगे हो सकते हैं। सूबे में नए साल से चुनिंदा उपभोक्ता उत्पादों पर वैट की बजाए सिंगल स्टेज कर प्रणाली लागू की जा रही है। पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल द्वारा आबकारी एवं कराधान विभाग की ओर से जारी नोटिफिकेशन पर होम वर्क करने के बाद यह दावा किया गया है कि इस टैक्स सिस्टम के दायरे में आने वाले उत्पादों की कीमतों में दो से तीन फीसद का इजाफा होगा।
व्यापार मंडल ने साफ किया है कि इससे व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ेंगी। इसलिए इसके खिलाफ शीघ्र ही वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। उधर, चार्टर्ड अकाउंटेंट राजीव शर्मा का कहना है कि नई कर प्रणाली वैट एक्ट की मूल भावना के विपरीत है।
सरकार ने ट्रेडरों को वैट से राहत देने के लिए एक जनवरी 2014 से सिंगल स्टेज वैट प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। व्यापारियों का कहना है कि आबकारी एवं कराधान विभाग की ओर से जारी नोटिफिकेशन के तहत टीवी, फ्रि ज, वाशिंग मशीन, माइक्रोवेव ओवन, टोस्टर, होम थिएटर एवं एसी पर कर की दर 14.5 फीसदी होगी। इसके अलावा कोल्ड ड्रिंक पर टैक्स 22.5 फीसदी वसूल किया जाएगा।
इसके अलावा किचन एप्लिऐंसेस, पसर्नल केयर उत्पादों साबुन एवं डिटरर्जेन्ट्स, ब्रांडेड पैक्ड फूड पर भी 14.5 फीसदी टैक्स लिया जाएगा। इस पर दस फीसदी सरचार्ज अलग से लिया जाएगा। इस कर प्रणाली के तहत राज्य में निर्माता एवं ट्रेडर से पहले चरण पर ही टैक्स वसूल कर लिया जाएगा। इसके बाद उत्पादों की बिक्र ी पर कर नहीं लिया जाएगा।
पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेश महासचिव सुनील मेहरा एवं सचिव महिंदर अग्रवाल का आरोप है कि सरकार वैट एक्ट के नियमों की धज्जियां उड़ा रही है। चार्टर्ड अकाउंटेंट राजीव शर्मा का कहना है कि केंद्र सरकार गुड्स व सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) लाने की तैयारी कर रही है। ऐसे में सिंगल स्टेज कर प्रणाली का कोई औचित्य नहीं है। इससे टैक्स को लेकर व्यापारियों में असमंजस की स्थिति उत्पन्न होगी।