डॉ. चीमा ने चन्नी और सोनी से स्पष्ट करने को कहा कि उन्होंने इस कदम का समर्थन क्यों किया? उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुख्यमंत्री ने अब तक इस नियुक्ति पर कोई आपत्ति नहीं जताई। इससे साबित होता है कि चन्नी के पास कोई नैतिक साहस नहीं है और वह अपनी कुर्सी बचाने के लिए सिख समुदाय के साथ-साथ पंजाबियों के हितों को भी बेचने के लिए तैयार हैं। डॉ. चीमा ने कहा कि पंजाबी इस विश्वासघात को कभी नही भूलेंगे।
सांसद बिट्टू ने भी किया विरोध
जगदीश टाइटलर की नियुक्ति के खिलाफ लुधियाना से सांसद रवनीत बिट्टू ने मोर्चा खोल दिया है। बिट्टू ने साफ कहा कि दिल्ली दंगों के साथ पंजाब और पंजाबी लोगों की सीधी भावनाएं जुड़ी हैं। पहले भी पार्टी ने इन्हें टिकट दे दी थी लेकिन विरोध होने पर टिकट को काट दिया था। यह कोई बड़ा पद नहीं है फिर भी हम विरोध करेंगे।
हाईकमान को इस मुद्दे को लेकर समझाया जाएगा। अभी तक हाईकमान को पता भी चल गया होगा। नवजोत सिद्धू के पार्टी में होने या न होने के सवाल पर सांसद बिट्टू ने कहा कि वह तो हमारे पंजाब प्रधान है। सिद्धू साहब द मंजा चार महीने तो कांग्रेस भवन उड़ीकदा है। वह अपना मंजा लेकर वहां नहीं गए है। इसलिए अब दिवाली का त्योहार है, सिद्धू साहब कांग्रेस भवन जाकर दीपमाला ही कर आए। अब वह खुद चार माह से कांग्रेस भवन नहीं गए तो मंत्रियों ने कहा जाना था।
कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा नई पार्टी तैयार करने के सवाल पर सांसद ने कहा कि वह हमारे सतकार योग नेता है। निजीतौर पर उनके साथ खड़े है। मैं पहले कह रहा था कि पार्टी उन्हें मनाने की कोशिश कर रही है, इसलिए वह गृह मंत्री अमित शाह से बिना मिले वापस लौट आए है। उनकी नई पार्टी खड़े करने से कांग्रेस को कोई नुकसान नहीं होगा, अगर ऐसा होता तो उन्हें पद से क्यों हटाया जाता। अब 80 साल की उम्र में वह कहां रैलियां करते फिरेंगे।