फिरोजपुर में धान और गेहूं की लिफ्टिंग में कथित तौर पर तकरीबन तीन सौ करोड़ रुपये का घोटाला होने की बात कही जा रही है। एक बोरी की लिफ्टिंग दो रुपये के बजाय छह रुपये में की गई है। इसी तरह ट्रांसपोर्ट ढुलाई 18 रुपये में होती थी उसे तीस रुपये में किया गया है। यह घोटाला अकेले फिरोजपुर में ही नहीं पूरे पंजाब में हुआ है। इसकी जांच की जाए तो ये घपलेबाजी पांच हजार रुपये करोड़ तक पहुंच सकती है। ठेकेदारों ने इस संबंधी विजिलेंस विभाग को शिकायत दी है। ठेकेदारों ने इस संबंधी मुख्यमंत्री भगवंत मान से भी जांच करने की मांग की है। इस घपलेबाजी में संबंधित विभाग के अधिकारी, कर्मचारी व इलाके के राजनीतिक नेता वांछित हैं।
राकेश ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान व विजिलेंस विभाग को शिकायत दी है, इसमें पूरे मामले की जांच करने के अलावा संबंधित विभाग के अधिकारियों व मुलाजिमों की संपत्ति की जांच की जाए। विभाग के कई अधिकारियों व मुलाजिमों ने अपनी आय से ज्यादा संपत्ति बनाई हुई है। कांग्रेस का एक मंत्री भी इसी प्रकार के घोटाले में फंसा हुआ है। अदालत से जमानत लेने पहुंचा था जो नहीं दी गई और छह जुलाई की तिथि डाली है।
राकेश ने बताया कि पहले मंडी वाइज लिफ्टिंग के टेंडर होते थे। प्रत्येक ठेकेदार अलग-अलग रेट भरते थे। इससे पंजाब सरकार को लाभ होता था। अब विभाग ने इसे क्लब कर दिया है। ताकि सभी मंडियों की लिफ्टिंग का ठेका एक ही व्यक्ति के नाम हो जाए। ऐसा अधिकारियों व राजनीतिक नेताओं ने अपने फायदे के लिए किया है ताकि अपने चहेते ठेकेदार को ठेका देकर मोटी कमीशन वसूल सके। राकेश ने कहा कि इस प्रकार का घोटाला शिअद (ब) की सरकार में भी हुआ है।