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Scam: पंजाब में धान और गेहूं की लिफ्टिंग में करोड़ों का घोटाला, दो रुपये की जगह अधिकारियों ने दिए छह रुपये  

Thu, 23 Jun 2022 04:14 PM IST
निवेदिता वर्मा अनिल कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजपुर (पंजाब)

सार

धान व गेहूं से भरी बोरी की लिफ्टिंग दो रुपये के बजाय छह रुपये में की गई है। जबकि ट्रांसपोर्ट ढुलाई 18 रुपये के बजाय तीस रुपये में की गई है। इस प्रकार का घोटाला फिरोजपुर, मुक्तसर व बठिंडा के अलावा पूरे पंजाब में हुआ है।
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scam - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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फिरोजपुर में धान और गेहूं की लिफ्टिंग में कथित तौर पर तकरीबन तीन सौ करोड़ रुपये का घोटाला होने की बात कही जा रही है। एक बोरी की लिफ्टिंग दो रुपये के बजाय छह रुपये में की गई है। इसी तरह ट्रांसपोर्ट ढुलाई 18 रुपये में होती थी उसे तीस रुपये में किया गया है। यह घोटाला अकेले फिरोजपुर में ही नहीं पूरे पंजाब में हुआ है। इसकी जांच की जाए तो ये घपलेबाजी पांच हजार रुपये करोड़ तक पहुंच सकती है। ठेकेदारों ने इस संबंधी विजिलेंस विभाग को शिकायत दी है। ठेकेदारों ने इस संबंधी मुख्यमंत्री भगवंत मान से भी जांच करने की मांग की है। इस घपलेबाजी में संबंधित विभाग के अधिकारी, कर्मचारी व इलाके के राजनीतिक नेता वांछित हैं।

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ठेकेदार राकेश गर्ग वासी वार्ड नंबर-पांच मुदकी जिला फिरोजपुर ने बताया कि फूड सप्लाई विभाग ने अपने चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए नई पालिसी बनाई है। राकेश ने कहा कि वर्ष 2017-2018, 2018-2019 व 2019-2020 में लिफ्टिंग के टेंडरों में करोड़ों का घोटाला हुआ है। धान व गेहूं से भरी बोरी की लिफ्टिंग दो रुपये के बजाय छह रुपये में की गई है। जबकि ट्रांसपोर्ट ढुलाई 18 रुपये के बजाय तीस रुपये में की गई है। इस प्रकार का घोटाला फिरोजपुर, मुक्तसर व बठिंडा के अलावा पूरे पंजाब में हुआ है। अकेले फिरोजपुर में लगभग तीन सौ करोड़ का घोटाला होने की आशंका है। राकेश ने इस घोटाले में संबंधित विभाग फिरोजपुर के कई अधिकारी व मुलाजिमों के अलावा राजनीतिक नेताओं के नामों को उजागर किया है। इस संबंधी राकेश ने विजिलेंस विभाग को शिकायत भी दी है।

वहीं, इस संबंधी डीएफसी वंधना कंबोज से मोबाइल के जरिये संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन फोन नहीं उठाया है। दूसरी तरफ संबंधित विभाग के डिप्टी डायरेक्टर मंगल दास का कहना है कि पालिसी के मुताबिक टेंडर किए गए हैं, आरोप बेबुनियाद हैं।  

संपत्ति की हो जांच

राकेश ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान व विजिलेंस विभाग को शिकायत दी है, इसमें पूरे मामले की जांच करने के अलावा संबंधित विभाग के अधिकारियों व मुलाजिमों की संपत्ति की जांच की जाए। विभाग के कई अधिकारियों व मुलाजिमों ने अपनी आय से ज्यादा संपत्ति बनाई हुई है। कांग्रेस का एक मंत्री भी इसी प्रकार के घोटाले में फंसा हुआ है। अदालत से जमानत लेने पहुंचा था जो नहीं दी गई और छह जुलाई की तिथि डाली है। 

टेंडर कर दिए क्लब 

राकेश ने बताया कि पहले मंडी वाइज लिफ्टिंग के टेंडर होते थे। प्रत्येक ठेकेदार अलग-अलग रेट भरते थे। इससे पंजाब सरकार को लाभ होता था। अब विभाग ने इसे क्लब कर दिया है। ताकि सभी मंडियों की लिफ्टिंग का ठेका एक ही व्यक्ति के नाम हो जाए। ऐसा अधिकारियों व राजनीतिक नेताओं ने अपने फायदे के लिए किया है ताकि अपने चहेते ठेकेदार को ठेका देकर मोटी कमीशन वसूल सके। राकेश ने कहा कि इस प्रकार का घोटाला शिअद (ब) की सरकार में भी हुआ है।

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