एडिशनल सेशन जज अंशुल बेरी की कोर्ट ने लड़की से दुराचार के आरोपी एक नौजवान को दोष साबित होने पर 10 साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया।
केस के तथ्यों के मुताबिक तीन अगस्त 2013 को पुलिस स्टेशन सदर समाना में पीड़ित लड़की के पिता ने एक शिकायत दर्ज कराई गई थी कि गांव राजगढ़ के राम सिंह उर्फ रामू ने उनकी लड़की के साथ रेप किया है। लड़की समाना के सिविल अस्पताल में दाखिल है।
इस बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी राम सिंह के खिलाफ दुराचार और धमकियां देने की धाराओं के तहत केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया था। पांच महीने बाद इस केस में फैसला आया है। कोर्ट ने राम सिंह पर दुराचार का दोष साबित हो जाने के बाद उसे 10 साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
जबकि धारा 452 आईपीसी के तहत दोषी को दो साल की कैद और 2 हजार रुपये जुर्माना और धारा 506 आईपीसी के तहत एक साल की कैद और एक हजार रुपये जुर्माना देना होगा।