पंजाब के अमृतसर में अटारी-वाघा बॉर्डर पर रक्षाबंधन की धूम रही। यहां बीएसएफ जवानों को राखी बांधने के लिए पूर्व स्वास्थ्य मंत्री लक्ष्मी कांता चावला पहुंची थी। उन्होंने जवानों को राखी बांधी और उनकी लंबी उम्र की कामना की।
रक्षाबंधन के पावन त्योहार के अवसर पर सोमवार अमृतसर में भाजपा सरकार की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री लक्ष्मी कांता चावला ने अटारी-वाघा बॉर्डर पर ड्यूटी पर तैनात और सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों की कलाइयों पर राखी बांधी। उनके साथ अन्य महिलाओं ने भी बीएसएफ के जवानों को राखी बांधी। महिलाओं ने राखी बांधकर इन वीर जवानों की लंबी उम्र की कामना की। इस मौके पर उनके साथ स्कूली छात्र -छात्राओं के अलावा समाजसेवी संस्थाओं के सदस्य भी मौजूद थे।
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प्रो. लक्ष्मी कांता चावला ने कहा कि वे सीमा पर बीएसएफ के जवानों को राखी बांधने आई हैं। सीमा की रक्षा करने वाले इन जवानों को राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। सीमा पर ड्यूटी पर अपने घर-परिवार से दूर रहकर देश के लोगों की रक्षा करने वाले इन भाइयों के लिए हम हर साल राखी लाती हैं और उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना करती हैं। देश से सैनिकों के कारण आज हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं और रात को चैन की नींद सो पाते हैं।
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प्रो. चावला ने कहा कि जब भी दुश्मन ने हमारे देश पर हमला किया, हमारे जवानों ने उसका मुंहतोड़ जवाब दिया गया। वहीं, बीएसएफ के जवानों ने कहा कि प्रो. लक्ष्मी कांता चावला हर साल बीएसएफ अधिकारियों व जवानों को राखी बांधने आती हैं। हमारे लिए भी यह गर्व की बात है। हमारी बहनें हमारे साथ हैं और हमें प्रोत्साहित करती हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे जवानों में इससे एक शक्ति का संचार होता है। राखी का त्योहार सिर्फ भाई-बहन का त्योहार नहीं बल्कि देश के प्रति प्रेम का भी त्योहार भी है। रक्षाबंधन के इस त्योहार पर भाई अपनी बहन की रक्षा का संकल्प लेता है। हम सब जवान भी अपने देश की रक्षा का संकल्प लेते हैं कि हम अपनी जान देकर भी अपने देश की रक्षा करेंगे। आज सभी जवान सीमा पर अपने घरों से दूर बैठे हैं, लेकिन जो बहनें हमारे लिए और हमें राखी बांधने आई हैं, इससे बहुत अच्छा लग रहा है।