पंजाब के लोकसभा क्षेत्र बठिंडा, पटियाला, अमृतसर और गुरदासपुर को चुनाव आयोग ने अति संवेदनशील माना है।
इन सीटों पर आयोग की विशेष नजर रहेगी और यहां चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के खर्च व गतिविधियों पर भी आयोग पैनी नजर रखेगा।
मंगलवार को आयोग ने पंजाब में सभी सीटों पर नजर रखने के लिए टीमों का गठन कर दिया, लेकिन उक्त चार सीटों पर विशेष नजर रखने का फैसला लिया गया है।
पटियाला सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर का कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरना तय है जबकि बठिंडा में शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पत्नी हरसिमरत कौर और पीपीपी अध्यक्ष मनप्रीत बादल के बीच मुकाबला माना जा रहा है।
उधर, गुरदासपुर में पीपीसीसी अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा और पूर्व वित्त मंत्री विनोद खन्ना के बीच मुकाबले की संभावना है।
अमृतसर में भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेतली के मैदान में उतरने की चर्चा है। चुनाव आयोग ने इन सीटों को अति संवेदनशील क्षेत्रों की सूची में रखा है।
उम्मीदवारों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बनाई गई निगरान टीमों में चुनाव विभाग के अधिकारियों के अलावा आयकर, पुलिस, विजिलेंस और कर एवं आबकारी विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है।
सीईओ ड्यूटी पर लौटे, खैहरा के आरोपों को बताया बेबुनियाद
पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) वीके सिंह ने छुट्टी से लौटने के बाद मंगलवार को ड्यूटी ज्वाइन कर ली। उन्होंने पीपीसीसी प्रवक्ता सुखपाल सिंह खैहरा द्वारा उन पर लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया।
खैहरा ने आरोप लगाया गया था कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने डीजीपी सुमेध सिंह सैनी के साथ गुप्त मुलाकात की थी। सीईओ ने कहा कि सैनी पंजाब के डीजीपी हैं। चुनाव के संबंध में उनसे मुलाकात होती रहती है इसलिए ऐसे आरोप बेतुके हैं।