टोक्यो ओलंपिक में शनिवार को डिस्कस थ्रो में पंजाब की कमलप्रीत कौर ने 64 मीटर के स्कोर के साथ फाइनल में प्रवेश कर लिया है। ग्रुप बी से कौर ने तीसरे प्रयास में स्कोर हासिल किया और दूसरे स्थान पर रहीं। कमलप्रीत भारत की ओर से रिकॉर्ड स्कोर करने वाली खिलाड़ी बन गई हैं। इस सफलता को पाने के लिए कमलप्रीत ने कई उतार चढ़ावों का सामना किया है। पिछले साल लगे लॉकडाउन के दौरान उनकी मानसिक हालत ऐसी हो गई थी कि इस डिस्कस थ्रोअर ने क्रिकेट में हाथ आजमाने शुरू कर दिया था।
मुक्तसर के गांव कबरवाला की रहने वाली 25 साल की कमलप्रीत एक किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। फिलहाल वे रेलवे में काम करती हैं। वे बताती हैं कि 2020 के अंत तक वे प्रतियोगिताएं न होने के कारण निराश रहने लगी थीं। उसके गांव के पास गांव बादल में एक साई केंद्र है और वह 2014 से पिछले साल तक वहां प्रशिक्षण ले रही थीं। उनकी कोच राखी त्यागी के अनुसार कोरोना के कारण सब प्रतियोगिताएं बंद हो गई थीं जिस कारण कमलप्रीत उदास रहने लगी थी। राखी ओलंपिक में कमलप्रीत के साथ नहीं जा पाईं लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि कमलप्रीत जरूर जीतेंगी।
कमलप्रीत कौर ने डिस्कस थ्रो में नौ साल का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़कर टोक्यो ओलंपिक में जगह बनाई थी। छह फुट लंबी कमलप्रीत कौर ने फेडरेशन कप सीनियर राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन में चार मीटर का सुधार किया था। उन्होंने 2019 में चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में 65.06 मीटर चक्का फेंककर राष्ट्रीय क्रीड़ा संस्थान (एनआईएस) में सभी को हैरत में डाल दिया। हालांकि बाद में उनके पांच प्रयासों में फाउल हुए। महिलाओं के डिस्कस थ्रो में क्वालिफिकेशन पात्रता 63.50 मीटर की है। इससे पहले कमलप्रीत का निजी श्रेष्ठ प्रदर्शन 61.04 था जो उन्होंने 2018 में किया था। तब उन्होंने कृष्णा पूनिया के नौ साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा था।
टोक्यो ओलंपिक में जाने से पहले कमलप्रीत ने कॉमनवेल्थ गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता कृष्णा पूनिया से मुलाकात कर उनकी सलाह ली थी। पूनिया ने कमलप्रीत से कहा था कि वे तनाव न लें और शांत दिमाग से अपने खेल पर ध्यान दें। मेडल की न सोचकर अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास करें। वहीं द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता पूर्व डिस्कस थ्रोअर कोच वीरेंद्र पूनिया को पूरा विश्वास है कि कमलप्रीत ओलंपिक में मेडल जीत सकती हैं।