सुप्रीम कोर्ट द्वारा आतंकी दविंदर पाल सिंह भुल्लर को फांसी से राहत न देने के बाद पंजाब में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है।
राज्य में किसी भी स्थिति से निटपने के लिए राज्य सरकार की मांग पर केंद्र ने अर्धसैनिक बलों की सात कंपनियां भेजी हैं।
फांसी के फैसले के बाद सिख संगठनों के विरोध प्रदर्शन और संभावित दिल्ली कूच की तैयारी को देखकर यह व्यवस्था की गई है।
पंजाब पुलिस मुख्यालय में हुई आला अधिकारियों की बैठक के बाद पंजाब ने किसी भी हालत से निपटने के लिए केंद्रीय सुरक्षा की मांग की थी।
राज्य की मांग को देखते हुए केंद्र ने बीएसएफ की पांच और सीआरपीएफ की दो कंपनियां पंजाब पुलिस की मदद के लिए भेजी हैं। अर्ध सैनिक बलों को राज्य के तीन बड़े जिलों अमृतसर, लुधियाना और जालंधर में तैनात किया गया है।
बीएसएफ के डीआईजी आरपीएस जसवाल ने बताया कि लुधियाना और अमृतसर में बीएसएफ की दो-दो कंपनियां जबकि जालंधर में एक कंपनी तैनात की गई है।
उन्होंने कहा कि बीएसएफ इन तीन जिलों में कानून और व्यवस्था कायम रखने के लिए पंजाब पुलिस के साथ तालमेल कायम करेगी। उन्होंने कहा कि जरुरत पड़ने पर बीएसएफ की और कंपनियां भी भेजी जा सकती हैं।
उधर, भुल्लर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद सिख संगठनों द्वारा प्रदर्शन और संभावित दिल्ली मार्च की सूचना पर खुफिया एजेंसियां चौकन्नी हो गई हैं।
इससे पहले राज्य के सभी जिलों में हाई अलर्ट जारी कर देर रात गश्त और सार्वजनिक स्थानों पर कड़ी सुरक्षा की हिदायतें दी गई हैं। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक सिख संगठनों द्वारा की जा रही लगातार बैठकों पर नजर रखी जा रही है।