समाज में अशिक्षा के चलते बनाए रखा गया है बैलेट पेपर का प्रावधान
हाईकोर्ट ने कहा कि हमारे समाज में, जहां अशिक्षा आज भी बड़ी आबादी को प्रभावित करती है, नियम बनाने वाले प्राधिकरण ने जानबूझकर मतपत्र और मतपेटियों से संबंधित प्रावधानों को बरकरार रखा और नगर निकाय चुनावों में ईवीएम की अवधारणा लागू करते समय इन्हें समाप्त नहीं किया। ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं, जब ईसीआई या राज्य निर्वाचन आयोग को पुनः पारंपरिक प्रणाली अर्थात मतपत्र और मतपेटियों के माध्यम से चुनाव कराना पड़े।