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पंजाब निकाय चुनाव पर बड़ा फैसला: हाईकोर्ट ने खारिज की EVM की मांग वाली सभी याचिकाएं, कहा-अब देर हो गई है

Fri, 22 May 2026 02:27 PM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब में 105 नगर निगमों, काउंसिल और पंचायत के लिए 26 मई को मतदान होना है। इन चुनाव में ईवीएम का इस्तेमाल नहीं करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनाैती दी गई थी। अब हाईकोर्ट ने सभी याचिकाएं खारिज कर चुनाव बैलेट पेपर से करवाने का आदेश दिया है।  
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पंजाब निकाय चुनाव पर बड़ा फैसला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब में नगर निकाय चुनाव प्रक्रिया के अंतिम दौर में पहुंचने के चलते पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इसमें हस्तक्षेप करने से साफ इन्कार कर दिया। अब मतदान बैलेट पेपर से होगा। 
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अदालत ने स्पष्ट कहा कि चुनाव कार्यक्रम 13 मई को ही जारी हो चुका था, नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 19 थी और अब केवल मतदान बाकी है। कोर्ट ने कहा कि इस चरण में ईवीएम पर कोई आदेश पारित करना उचित नहीं होगा।

जनहित याचिका दाखिल करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से पंजाब में निकाय चुनाव ईवीएम से करवाने की मांग की गई थी। याची ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा था कि पारदर्शी व निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए ईवीएम का इस्तेमाल जरूरी है। 
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26 मई को होना है मतदान

पंजाब में 105 नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के लिए 26 मई को मतदान होगा। मतदान बैलेट पेपर से करवाने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।  

हम ब्लेम गेम का हिस्सा नहीं बन सकते

इस मामले में हाईकोर्ट में इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया व पंजाब राज्य चुनाव आयोग आमने सामने आ गए थे। ईसीआई ने कहा था कि समय रहते ईवीएम की मांग नहीं की गई थी। इसके जवाब में पंजाब राज्य चुनाव आयोग ने कहा था कि उन्हें वह मशीनें नहीं उपलब्ध करवाई जा रही थी जिसकी उन्होंने मांग की थी। वहीं ट्रेनिंग व व्यवस्था के लिए समय को लेकर भी दोनों ने अदालत के समक्ष अपनी दलीलें रखीं। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि ईसीआई व राज्य चुनाव आयोग आपस में ब्लेम गेम खेल रहे हैं और हम इस गेम का हिस्सा नहीं बनना चाहते।

याचिकाकर्ता देर से आए

कोर्ट ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट से सहमत हैं कि बैलेट पेपर की तरफ वापस जाना सही नहीं है लेकिन याचिकाकर्ता अदालत के समक्ष बहुत देर से पहुंचे हैं। इसी आधार पर अदालत ने संबंधित याचिकाओं को खारिज कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को राहत देते हुए यह स्वतंत्रता भी दी कि यदि उन्हें चुनाव प्रक्रिया या परिणाम को चुनौती देनी है तो वे कानून के अनुसार चुनाव याचिका दायर कर सकते हैं।
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समाज में अशिक्षा के चलते बनाए रखा गया है बैलेट पेपर का प्रावधान

हाईकोर्ट ने कहा कि हमारे समाज में, जहां अशिक्षा आज भी बड़ी आबादी को प्रभावित करती है, नियम बनाने वाले प्राधिकरण ने जानबूझकर मतपत्र और मतपेटियों से संबंधित प्रावधानों को बरकरार रखा और नगर निकाय चुनावों में ईवीएम की अवधारणा लागू करते समय इन्हें समाप्त नहीं किया। ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं, जब ईसीआई या राज्य निर्वाचन आयोग को पुनः पारंपरिक प्रणाली अर्थात मतपत्र और मतपेटियों के माध्यम से चुनाव कराना पड़े।

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