बसों की कमी से जूझ रही पीआरटीसी के बेड़े में जल्द ही बड़ी गिनती में नई बसें शामिल होंगी। इस संबंधी कारपोरेशन के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स की बैठक में फैसला लिया गया है। नई बसें रूटों पर आने से पीआरटीसी की आमदनी में इजाफा होने की उम्मीद है, जिससे आर्थिक तंगी भी दूर होगी।
पीआरटीसी के बेड़े में इस समय तकरीबन 1023 बसें हैं, जिनमें साधारण से लेकर वाल्वो व एसी बसें तक शामिल हैं। रूटों के हिसाब से बसों की संख्या कम है। जिसके कारण कारपोरेशन की आमदनी पर बुरा असर पड़ रहा है। नतीजतन पीआरटीसी को अपने रेगुलर मुलाजिमों को सैलरियां व पेंशनरों को पेंशन देने में दिक्कत हो रही है।
इस समस्या को ध्यान में रखकर पीआरटीसी ने अपने बेड़े में अगले वित्तीय साल के दौरान 100 नई बसें शामिल करने का फैसला लिया है। यह सभी बसें साधारण होंगी। पीआरटीसी के जीएम प्रबंधकीय सुरिंदर सिंह ने कहा कि इन 100 नई बसों के आ जाने से जहां पुराने रूट अच्छी तरह से चलाए जा सकेंगे, वहीं कारपोरेशन नए रूट भी ले सकता है। जिससे आमदनी बढ़ेगी।
उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए 22 करोड़ रुपये का खर्च आने की संभावना है। जिसके लिए बैंकों से लोन लिया जाएगा। बसों की चेसिस बाहर से खरीदी जाएगी, जबकि बाडी फेब्रिकेशन कारपोरेशन खुद करेगा। जिससे बस बाजार के दाम से सस्ती पड़े।
भवानीगढ़ में पांच करोड़ से बनेगा नया बस स्टैंड
संगरूर के भवानीगढ़ में अगले वित्तीय वर्ष में पांच करोड़ की लागत से नया बस स्टैंड बनाया जाएगा। इस संबंधी प्रस्ताव को भी बोर्ड आफ डायरेक्टर्स की बैठक में हरी झंडी दिखा दी गई है। बस स्टैंड के बनने से जहां लोगों को सुविधा होगी, वहीं बसें भी सही ढंग से एक जगह खड़ी रखी जा सकेंगी। संगरूर में सात करोड़ की लागत से बनाया जा रहा बस स्टैंड का काम भी अगले वित्तीय साल के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। जीएम सुरिंदर सिंह ने बताया कि बस स्टैंडों के निर्माण के लिए भी बैंकों से लोन लिया जा रहा है।