देश में महिलाओं के प्रति लगातार बढ़ रहे अपराधों पर चिंता जताते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि इन्हें रोकने के लिए युवा वर्ग को आगे आना होगा। तभी नए और सभ्य समाज की रचना हो सकेगी।
राष्ट्रपति सोमवार को जालंधर में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में तीसरे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में वोकेशनल एजुकेशन की देश में सख्त जरूरत है।
उन्होंने कहा कि इस समय सात फीसदी युवा वोकेशनल एजुकेशन हासिल कर रहे हैं, जबकि यह संख्या 12 फीसदी होनी चाहिए। तभी देश विकास की राह पर चल सकेगा।
राष्ट्रपति ने इस बात पर भी जोर दिया कि देश की हर यूनिवर्सिटी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर यूनिवर्सिटी का एक मिशन होना चाहिए।
मुखर्जी ने कहा कि तक्षशिला और नालंदा यूनिवर्सिटी में विदेशों के छात्र भी पढ़ते थे, लेकिन अब एलपीयू भी उस श्रेणी में आ गया है। यहां 26 देशों के विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं।
मुखर्जी ने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि भारत में नोबेल पुरस्कार विजेता विदेशों की यूनिवर्सिटी में कार्य कर रहे हैं। जरूरत है कि देश की एक यूनिवर्सिटी रिसर्च व विकास में विश्व में लीड हासिल करे।
मुखर्जी ने कहा कि इस समय देश में फैकल्टी काफी कम है, लेकिन इसे ई-क्लास से पूरा किया जा सकता है।