सुनाम(संगरूर)। पुलिस ने आंदोलन में भाग लेने जा रहे 184 किसानों को पहले तो गिरफ्तार कर लिया और थोड़ी देर बाद उन्हें रिहा कर दिया। ये किसान धान खरीद के मापदंडों में ढील देने और मंडियों में किसानों की समस्याओं के संबंध में भाकियू(उग्राहां)के नेतृत्व में सोमवार को ट्रैक जाम करने के लिए जा रहे थे।
सुनाम तथा लहरागागा बलाक के किसानों को गांव जखेपल के निकट उस वक्त हिरासत में लिया गया जब किसानों कई वाहनों पर स्वार होकर बरनाला की तरफ जा रहे थे। पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ किसानों ने जोरदार नारेबाजी
की। हिरासत में कई किसान नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया जिनमें दर्शन सिंह शादीहरी, दर्शन सिंह जखेपल, दर्शन तोलावाल आदि शामिल हैं। देर शाम पुलिस ने हिरासत में लिए सभी किसानों को रिहा कर दिया। जब किसानों को लामबंद करके बरनाला ले जा जाया जा रहा था।
जिला अध्यक्ष अमरीक सिंह, बलाक इनमे अध्यक्ष जसवंत सिंह तोलावाल, जनक सिंह, रामशरण सिंह आदि पुलिस को चकमा देकर छुपने में सफल रहे।
भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उग्राहां ने कहा कि राज्य सरकार, किसानों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार, किसानों की आवाज को किसी भी कीमत पर दबा नहीं सकती है। किसानों यह आंदोलन भविष्य दोबारा करेंगे।
उन्होंने कहा कि मौसम की खराबी के कारण धान में काले दाने की मात्रा ज्यादा आ गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए किसान केंद्र सरकार से तय मापदंडों में ढील देने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा अमृतसर, संगरूर, बरनाला, कपूरथला तथा जालंधर जिलों में किसानों से एमएसपी से भी कम दाम पर धान खरीदी गई है। उक्त किसानों को मुआवजा या फिर इनकी भरपाई की जाए।