जगरांव थाना पुलिस की ओर से चोरी के मामले में गिरफ्तार आरोपियों में से एक ही मौत से खफा परिजनों के साथ कई संगठनों ने वीरवार को कई घंटे थाने का घेराव कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
धरनाकारियों ने आरोपी को मारने का दोष पुलिस पर लगाते हुए कसूरवार पुलिस वालों के खिलाफ कत्ल का मामला दर्ज करने की मांग की।
जगरांव थाना सिटी पुलिस ने अनाज चोरी के एक मामले में पांच व्यक्तियों को दालों की बोरियाें समेत काबू किया था। बुधवार की शाम इन आरोपियों से में एक मनजीत सिंह ने कोई जहरीली वस्तु निगल ली। उसकी लुधियाना के एक अस्पताल में मौत हो गई।
वीरवार को मनजीत की मौत के मामले में मृतक के परिवार वालों और मजदूर जत्थेबंदियों में रोष व्याप्त हो गया। लोगों ने मनजीत की मौत के लिए पुलिस को जिम्मेदार करार दिया और थाने के सामने धरना लगा दिया। परिवार ने आरोप लगाया कि मनजीत की मौत पुलिस द्वारा अधिक मारपीट के कारण हुई है।
इस अवसर पर देहाती मजदूर सभा के प्रधान अमरीक सिंह ने आरोप लगाया कि जगरांव पुलिस ने चोरी के केस में पकड़े मनजीत का कत्ल किया है। पुलिस अब बहाने बना रही है कि उसे दौरा पड़ गया, कभी कहते हैं कि उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। उन्होंने कहा कि जब तक परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, संघर्ष जारी रहेगा।
पुलिस हिरासत में मनजीत की मौत के मामले में थाने का घेराव करने वाली जत्थेबंदियों ने पुलिस के खिलाफ तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया। लोगों में रोष को देखते हुए आला पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
वहीं पुलिस ने हिरासत में आरोपी की मौत से इंकार किया है। डीएसपी रतन सिंह बराड़ का कहना है कि आरोपी पर चोरी का मामला दर्ज था। कुछ लोग उसे लेकर आए थे, पता नहीं रास्ते में उसने क्या खा लिया। हिरासत में मौत का आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है।