पटियाला। अखिल भारतीय एटक के महासचिव एवं मेंबर पार्लीमेंट कामरेड गुरुदास दास गुप्ता ने कहा कि केंद्र की यूपीए सरकार पूंजीपतियों को मालामाल और मजदूरों को कंगाल कर रही है। देसी और विदेशी कारपोरेट घरानों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने देश के सभी साधनों और प्राकृतिक स्रोतों पर कब्जा जमा लिया है।
अमीरों की दौलत में बेशुमार वृद्धि हुई है और मजदूरों को दो वक्त की रोटी भी मुश्किल से नसीब हो रही है। महंगाई के हिसाब से किरतियों के भत्ते में वृद्धि नहीं हो रही है। अगर सरकार की लोक विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष न किया, तो मजदूर जमात की मुसीबतें बढ़ जाएंगी।
वह शनिवार को पटियाला के प्रभात परवाना ट्रेड यूनियन सेंटर में जिला एटक पटियाला और ट्रेड यूनियन काउंसिल की ओर से आयोजित कनवेंशन को संबोधित कर रहे थे। यह कनवेंशन दिल्ली में 12 दिसंबर 2013 को 11 केंद्रीय ट्रेड यूनियन संगठनों की ओर से आयोजित मार्च की तैयारियों के लिए आयोजित की गई थी।
कामरेड गुप्ता ने उम्मीद जताई कि इस मार्च में 10 लाख से ज्यादा मजदूर हिस्सा लेंगे। पंजाब एटक के महासचिव कामरेड निर्मल सिंह धालीवाल ने कहा कि मार्च के जरिए सरकार की आर्थिक नीतियों का विरोध, बढ़ती महंगाई, ठेकेदारी प्रथा, बेरोजगारी, पब्लिक सेक्टर का निजीकरण का विरोध किया जाएगा।
साथ ही शिक्षा का व्यापारीकरण बंद करने, भ्रष्टाचार का खात्मा करने, खेत मजदूरों की हालत में सुधार करने, मनरेगा स्कीम को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की जाएगी। पंजाब एटक के प्रधान कामरेड बंत बराड़ ने मजदूरों को अपील की कि दिल्ली मार्च में बड़ी गिनती में हिस्सा लें। कनवेंशन में एसके गौतम, एनके गौड़, सज्जन सिंह, टेलीकाम मुलाजिम नेता मनोहर लाल शर्मा, उत्तम सिंह बागड़ी, दर्शन सिंह लुबाना आदि ने हिस्सा लिया।