मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से आंदोलनरत बेरोजगार लाइनमैन शुक्रवार को जमकर जिला प्रशासन के खिलाफ बरसे। बेरोजगार लाइनमैनों ने कहा कि प्रशासन ने वादे के बावजूद उनकी बैठक सीएम प्रकाश सिंह बादल से नहीं कराई।
प्रदेश प्रधान पिरमल सिंह की जगह मरणव्रत पर बैठी रानी देवी की हालत दिन-प्रतिदिन बिगड़ रही है। शुक्रवार को डाक्टरों की टीम ने धरनास्थल का दौरा करके रानी देवी का चेकअप किया। उधर पिरमल सिंह अभी भी राजिंदरा अस्पताल में इलाज नहीं करा रहे हैं।
धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश सलाहकार सोमा सिंह ने कहा कि डीसी एक बार भी धरनास्थल पर बेरोजगार लाइनमैनों व उनके परिवारों की सुध लेने नहीं पहुंचे।
जिले के सर्वोच्च अधिकारी होने के नाते अगर वह निजी हस्तक्षेप करके पंजाब सरकार पर दबाव बनाएं, तो बेरोजगार लाइनमैनों का मसला मिनटों में हल हो सकता है।
पटियाला प्रशासन क्यों अपनी जिम्मेदारी से भाग रहा है, जबकि यूनियन के प्रदेश प्रधान और उनकी जगह मरणव्रत पर बैठी रानी देवी की हालत लगातार खराब हो रही है।
21 जनवरी को एसडीएम ने धरने में आकर पुष्टि की थी कि डीसी की सीएम से बेरोजगार लाइनमैनों की भर्ती के संबंध में बातचीत हो चुकी है और जल्द ही यूनियन की सीएम से बैठक कराई जाएगी।
आठ दिन बीतने के बावजूद यूनियन की सीएम से बैठक नहीं कराई गई। इस मौके पर सरकार से चार हजार बेरोजगार लाइनमैनों की पावरकाम में नियुक्तियां करने की मांग की गई। मांग पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई। धरने में बलवंत सिंह, दमनजीत, सुरिंदर, नरिंदर खुराना, सुखविंदर, गुरप्रीत शामिल हुए।