फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्या होगा खुलासा कबसे चल रहा था लिंग टैस्ट का धंधा ?

विज्ञापन
विज्ञापन
राजपुरा। करनाल हेल्थ विभाग की तरफ से सिविल अस्पताल के प्रांगण में बने खस्ताहाल कमरे में चल रहे गैरकानूनी लिंग जांच के मामले का पर्दाफाश करने के बाद पुलिस ने दो आरोपियों अंबाला निवासी कृष्ण गोपाल, राजपुरा निवासी राम मूर्ति के खिलाफ केस दर्ज कर काबू करने के बाद पूर्व पुलिस रिमांड की अवधि समाप्त होने से फिर से अदालत में पेश किया गया।
विज्ञापन

अदालत ने आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए। जानकारी के अनुसार सिविल अस्पताल के प्रांगण में बने एक खस्ताहाल कमरे में गैरकानूनी तौर लिंग जांच धंधा चलाया जा रहा था। लेकिन करनाल हेल्थ विभाग की टीम ने 6 जनवरी को उक्त मामले का पर्दाफाश करके अंबाला निवासी कृष्ण गोपाल, राजपुरा निवासी राम मूर्ति आरोपियों को काबू कर लिया। आरोपियों के पकड़े जाने से तय हो गया कि मोटी रकम लेकर इस धंधे को आगे बढ़ाया जा रहा था, इतना ही नहीं इसको लेकर पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा था। लेकिन आरोपियों के पकड़े जाने ने कई तरह के सवाल उठने लगे थे कि आखिर आरोपी कितने समय से गैरकानूनी धंधे को अंजाम दे रहे थे, उन पर किसी व्यक्ति का आशीर्वाद प्राप्त था अथवा नहीं? इतना ही नही अब तक कितने लोग भ्रूण लिंग जांच करवा चुके हैं। जबकि उनके मोबाइल की मदद से पता चल पाएगा कि किन-किन लोगों के संपर्क में थे? जानकारों का मानना है कि टावर डंप डाटा की मदद से उनके पास आने वाले लोगों को रिकार्ड खंगाला जा सकता है, लेकिन अब आने वाला वक्त बताएगा कि पुलिस जांच में क्या कुछ सामने आ सकता है।
क्या कहते हैं एसएचओ
इस संबंधी फोन से संपर्क करने पर सिटी थाना के एसएचओ तेजिंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच करने में लगी है, कुछ सामने आने पर जरूर बताया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें