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भड़के वोकेशनल अध्यापकों ने मोती महल की तरफ निकाला रोष मार्च

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पटियाला। रेगुलर करने की मांग को लेकर गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहिब के नजदीक पक्का धरना लगाकर बैठे एनएसक्यूएफ वोकेशनल अध्यापकों का संघर्ष शनिवार को 11वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान वोकेशनल अध्यापकों ने मोती महल की तरफ से रोष मार्च निकाला गया। अध्यापकों ने चेतावनी दी कि अगर 22 जून की मीटिंग में सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो मोती महल का घेराव किया जाएगा।
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इस दौरान एनएसक्यूएफ वोकेशनल अध्यापक यूनियन पंजाब के प्रदेश प्रधान राय साहिब सिंह सिद्धू ने कहा कि कैप्टन सरकार ने सत्ता में आने से पहले एक वादा किया था कि आउटसोर्स बंद करके वोकेशनल अध्यापकों को पहल के आधार पर पक्का किया जाएगा। लेकिन अभी तक यह वादा पूरा नहीं हुआ है। मांग की कि सरकारी स्कूलों से कंपनियों को बाहर निकाल कर वोकेशनल अध्यापकों की सेवाओं को रेगुलर किया जाए। यूनियन के प्रदेश उप प्रधान नवनीत कुमार ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार इन वोकेशनल अध्यापकों को प्राइवेट कंपनियों के अधीन भरती कर लूट रही है। सरकारी खजाने से हर साल पांच करोड़ 96 लाख से ज्यादा की रकम इन कारपोरेट घरानों को अदा की जाती है।
जबकि कागजों के अनुसार 17 हजार तनख्वाह कहकर मात्र 12 हजार रुपये प्रति महीना दिए जाते हैं। ऊपर से वोकेशनल अध्यापकों को हर प्रकार के लाभ से वंचित रखा जाता है। बीमार होने पर अध्यापक मेडिकल छुट्टी तक नहीं ले सकता है और महिला अध्यापक मेटरनिटी लीव नहीं ले सकती हैं।
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