दुनिया भर की जेलों में बंद सिख कैदियों को पंजाबी सभ्यता, इतिहास और सिख धर्म से अवगत करवाने का बीड़ा श्री गुरु ग्रंथ साहिब विश्व यूनिवर्सिटी फतेहगढ़ साहिब ने उठाया है। शुक्रवार को यूनिवर्सिटी के सभी विभागों के प्रोफेसरों से एक बैठक कर वीसी डॉ. गुरमोहन सिंह वालिया ने इस बारे में उनकी राय ली।
इस मौके पर डॉ. वालिया ने बताया पिछले दिनों जब वह यूनिवर्सिटी के यूके दौरे पर थे तो यूके की सिख संगत ने मालविंदर सिंह लिद्दड़ के नेतृत्व में उनसे अपील की थी कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब विश्व यूनिवर्सिटी की तरफ से यूके की जेलों में बंद सिख कैदियों के लिए धार्मिक ज्ञानवर्धक सामग्री मुहैया करवाई जाए।
इसके बाद एक जून को सिख चैपलायंसी सर्विस यूके के अधिकारी गगनदीप सिंह ने उन्हें चिट्ठी भेजकर जेलों में बंद 136 सिख कैदियों के लिए अंग्रेजी और पंजाबी भाषा में ज्ञानवर्धक सामग्री भेजने की मांग की थी।
बैठक में इंग्लैंड की जेलों में बंद कैदियों को पहले नितनेम गुटका साहिब, सिक्ख इतिहास की किताबें, गुरुसाखी, सिखों की जीवनियां, मानवीय रिश्तों की कदर कीमतों पर आधारित किताबें, कथा, कीर्तन और अन्य अहम धार्मिक समारोहों की सीडीज यूनिवर्सिटी की तरफ से भेजने का फैसला किया गया।
वीसी ने बताया कि इंग्लैंड की सफलता के बाद पंजाब की जेलों में बंद सिख कैदियों की सोच में बदलाव करने का एक प्रयास पंजाब सरकार की अनुमति के बाद किया जाएगा। इसके अलावा यूनिवर्सिटी से प्रोफेसरों को जेलों में प्रेरणादायक लेक्चर देने के लिए भेजा जाएगा।
मीटिंग में डीन अकादमिक मामले डॉ. कंवलजीत सिंह, रजिस्ट्रार डॉ. प्रितपाल सिंह, प्रो. जगबीर सिंह, डॉ. स्वराज राज सिंह के अलावा धर्म अध्ययन विभाग, पंजाबी विभाग और संगीत विभाग के इंचार्ज मौजूद थे।