पटियाला के गांव दूधनसाधां में बुधवार तड़के एक घर की छत गिरने से परिवार के दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि माता-पिता और तीन भाई घायल हो गए। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें राजिंदरा अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस चौकी रोहड जगीर के प्रभारी गुरविंदर सिंह ने बताया कि देवीगढ़ के नजदीक गांव दूधनसाधां में बुधवार तड़के करीब पांच बजे पिंटू राम (38) के एक कमरे वाले घर की छत अचानक गिर गई।
सारा परिवार उस समय नीचे सो रहा था। शोर सुनकर आसपास के लोग जाग गए, जिन्होंने मोहल्ला वासियों को उठाया और मलबे से सभी को बाहर निकाला। मलबे के नीचे दबने से पिंटू राम की इकलौती बेटी तान्या (5) और 9 साल के बेटे सचिन की मौत हो चुकी थी। इसके अलावा पिंटू राम, उसकी पत्नी नीलम रानी (36), 11 साल के बेटा मनीश, सात साल का बेटा हंस कुमार और तीन साल का बेटा कपिल बुरी तरह से घायल हो गए।
पुलिस के मुताबिक पिंटू राम के घर की छत गिरने का कारण बगल के प्लॉट में दो-तीन दिनों से भारी मात्रा में जमा बारिश का पानी है। बारिश के पानी से घर की दीवार दब गई और इसी वजह से छत गिर गई। गांव के सरपंच जगदेव सिंह व गांव के लोगों ने प्रशासन से आर्थिक मदद की मांग की है।
गांव मतौली में हुई थी चार लोगों की मौत
सोमवार की देर रात पटियाला के ही मतौली गांव में बारिश की वजह से घर की छत गिरने से दर्दनाक हादसा हुआ था। इस हादसे में पिता और तीन बच्चों की मौत हो गई थी। वहीं मां जिंदगी की जंग अस्पताल में लड़ रही है। मृतकों में मुख्यितार सिंह (40), 14 साल का इकलौता बेटा वंशदीप सिंह, 10 साल की बेटी कमलजीत कौर और 13 साल की बेटी सिमरनजीत कौर शामिल हैं। बच्चों की मां सुरिंदर कौर गंभीर रूप से घायल हैं। मुख्यितार सिंह का परिवार जब सो रहा था, उसी वक्त यह हादसा हुआ।