पंजाबी यूनिवर्सिटी में हास्टल के बाहर चली गोली के मामले में अदालत ने एक दोषी को असलाह एक्ट में तीन साल की कैद व पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाई। मामले में एक आरोपी को बरी कर दिया गया।
7 अगस्त, 2014 को थाना अर्बन एस्टेट में इरादा कत्ल व आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज हुए इस मामले में जगसीर सिंह जग्गी निवासी कलवानू और दविंदर सिंह उर्फ बाबा निवासी कांगथला नामजद किए गए थे। केस के मुताबिक यह मामला यूनिवर्सिटी में फिजियोथैरेपी के शोधकर्ता हरमनदीप सिंह निवासी बठिंडा, जो पीयू के होमी भाभा हास्टल में रहता था, उसकी शिकायत पर दर्ज हुआ था।
शिकायतकर्ता व उसके दोस्तों वरिंदर जोहल व सिमरजीत सिंह पर आरोपियों जगसीर सिंह, दविंदर सिंह व अन्य साथियों ने हथियारों से हमला किया था। यह झगड़ा पीयू में पार्टीबाजी को लेकर हुआ था। इस दौरान जगसीर सिंह ने अपनी पिस्तौल के साथ उन पर गोली चला दी ती। शोर मचने पर यूनिवर्सिटी के सुरक्षा गार्ड मौके पर पहुंचे गए थे और गोली चलाने वाले आरोपी भाग गए थे।