पुलिस ने गैर सामाजिक तत्वों के खिलाफ शिकंजा कसते हुए चार लाख की कीमत के भारी असलाह समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
एसएसपी हरदियाल सिंह मान ने वीरवार को पुलिस लाइन में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में बताया कि ये खुलासा हुआ है कि यह असलाह यूपी के मेरठ जिले में बनाया जाता है और इसका
इस्तेमाल गैर सामाजिक गतिविधियों में किया जाना था।
पकड़े असलाह में सात पिस्तौल 32 बोर देसी, तीन पिस्तौल थ्रीनट थ्री और 27 कारतूस शामिल हैं। एसएसपी ने बताया कि असलाह यूपी से पंजाब लाने वाले तीन आरोपियों को सीआईए पटियाला पुलिस पार्टी ने टांगरी नदी पर गांव औजां के नजदीक से काबू किया है।
पुलिस नाके पर इसलामाबाद की तरफ से आ रही एक बोलेरो गाड़ी को जब शक के आधार पर रोक कर इसकी तलाशी ली गई, तो इसकी आगे वाली सीटों के बीच रखे एक बैग से सात पिस्तौल 32 बोर देसी समेत 21 जिंदा कारतूस और तीन पिस्तौल थ्रीनट थ्री समेत छह जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
आरोपियों की पहचान ड्राइवर मोहम्मद खालित निवासी मोहल्ला बाइयां वाला कसबा कठौर जिला मेरठ, सियाकत निवासी तबीतपुर समाली यूपी और रिशीपाल निवासी गांव साहीपुर यूपी के तौर पर हुई है। आरोपियों के खिलाफ थाना जुल्कां में असलाह एक्ट तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
पूछताछ से पता लगा कि आरोपी यह असलाह गांव राधनां थाना कठौर यूपी के रहने वाले एक साइद नाम के व्यक्ति से लाए थे, जिसको इन्होंने आगे मलोट व मुक्तसर जिले के इलाके में
किसी व्यक्ति को 50 हजार रुपये प्रति पिस्टल और देसी कट्टा 5 हजार रुपये प्रति के हिसाब के साथ देना था।
एसएसपी ने साफ किया कि यह असलाह प्राथमिक जांच में किसी भी तरह की आतंकवादी गतिविधि के साथ नहीं जोड़ा जा सकता। असलाह बेचने के बदले आरोपियों को हर पिस्टल में से पांच हजार रुपये और देसी पिस्तौल में से एक हजार रुपये की कमीशन मिलनी थी। जिस व्यक्ति से यह असलाह लाया गया है, उसकी और जिसके पास यह असलाह जाना था, की पहचान कर ली गई है और इनको भी जल्द काबू कर लिया जाएगा।